Hanuman Chalisa

विनायकी गणेश चतुर्थी व्रत और पूजा विधि...

Webdunia
जानिए कैसे करें विनायकी चतुर्थी पर श्रीगणेश का पूजन... 
 
हर माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली चतुर्थी को विनायकी चतुर्थी व्रत कहते हैं। पुराणों के अनुसार शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायकी तथा कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी गणेश चतुर्थी कहते हैं। यह चतुर्थी भगवान श्री गणेश को समर्पित है। यदि संकष्टी चतुर्थी मंगलवार को आती है तो इसे अंगारक गणेश चतुर्थी भी कहते हैं।

कई स्थानों पर विनायक चतुर्थी को 'वरद विनायक चतुर्थी' के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन श्री गणेश की पूजा दोपहर-मध्याह्न में की जाती है। इस दिन श्री गणेश का पूजन-अर्चन करना लाभदायी माना गया है। इस दिन गणेश की उपासना करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-दौलत, आर्थिक संपन्नता के साथ-साथ ज्ञान एवं बुद्धि की प्राप्ति भी होती है। 

वेबदुनिया में पढ़ें : एक दिन नहीं रोज पढ़ें श्री गणेश के 7 सरल और सटीक धन मंत्र... 
 
ऐसे करें विनायकी चतुर्थी व्रत... 
 
* ब्रह्म मूहर्त में उठकर नित्य कर्म से निवृत्त होकर स्नान करें, लाल रंग के वस्त्र धारण करें। 
 
* दोपहर पूजन के समय अपने-अपने सामर्थ्य के अनुसार सोने, चांदी, पीतल, तांबा, मिट्टी अथवा सोने या चांदी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित करें। 
 
* संकल्प के बाद षोडशोपचार पूजन कर श्री गणेश की आरती करें। 
 
* तत्पश्चात श्री गणेश की मूर्ति पर सिन्दूर चढ़ाएं। 
 
* अब गणेश का प्रिय मंत्र- 'ॐ गं गणपतयै नम:' बोलते हुए 21 दूर्वा दल चढ़ाएं। 
 
* श्री गणेश को बूंदी के 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्‍डुओं का ब्राह्मण को दान दें तथा 5 लड्‍डू श्री गणेश के चरणों में रखकर बाकी को प्रसाद स्वरूप बांट दें। 

वेबदुनिया में खास कर्ज से परेशान हैं तो पढ़ें ऋणहर्ता गणपति स्तोत्र
 
* पूजन के समय श्री गणेश स्तोत्र, अथर्वशीर्ष, संकटनाशक गणेश स्त्रोत का पाठ करें। 
 
* ब्राह्मण को भोजन करवाकर दक्षिणा दें। अपनी शक्ति हो तो उपवास करें अथवा शाम के समय खुद भोजन ग्रहण करें। 
 
* शाम के समय गणेश चतुर्थी कथा, श्रद्धानुसार गणेश स्तुति, श्री गणेश सहस्रनामावली, गणेश चालीसा, गणेश पुराण आदि का स्तवन करें। संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करके श्री गणेश की आरती करें तथा 'ॐ गणेशाय नम:' मंत्र की माला जपें। 
 
Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भविष्य क्या है? ज्योतिषीय गणना में सामने आए चौंकाने वाले संकेत

शनि की साढ़ेसाती के प्रथम चरण में मेष राशि, क्या बढ़ेंगी मुश्किलें या मिलेगा लाभ?

दुनिया की प्रमुख विचारधाराएं कौन-कौन सी हैं? जानिए पूरी सूची और उनकी खासियतें

राहु का गोचर: 5 राशियों के लिए खुले हैं तरक्की के बंद दरवाजे, अभी भी बचा है समय

सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण: जानिए किन राशियों पर रहेगा इसका सीधा और बड़ा असर

सभी देखें

धर्म संसार

16 June Birthday: आपको 16 जून, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 जून 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

Bada Mangal 2026: सातवें बड़े मंगल पर अवश्य करें ये 10 कार्य, हनुमान जी देंगे वरदान

Muharram month 2026: मोहर्रम मास का इस्लाम धर्म में महत्व और परंपरा जानें

सिंधु सम्राट राजा दाहिर: शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की अमर गाथा

अगला लेख