rashifal-2026

भारत में कैसे आया पारसी धर्म, जानिए

Webdunia
पारसी धर्म ईरान का प्राचीन धर्म है। ईरान के बाहर मिथरेज्‍म के रूप में रोमन साम्राज्‍य और ब्रिटेन के विशाल क्षेत्रों में इसका प्रचार-प्रसार हुआ। इसे आर्यों की एक शाखा माना जाता है।
 
ईरान पर इस्‍लामी विजय के पश्‍चात पारसियों को इस्लाम कबूल करना पड़ा तो कुछ पारसी धर्म के लोगों ने अपना गृहदेश छोड़कर भारत में शरण ली। 
 
कहा जाता है कि इस्लामिक अत्याचार से त्रस्त होकर पारसियों का पहला समूह लगभग 766 ईसा पूर्व दीव (दमण और दीव) पहुंचा। दीव से वे गुजरात में बस गए। गुजरात से कुछ लोग मुंबई में बस गए।
 
धार्मिक व सांस्कृतिक दृष्टि से पारसी धर्म व समाज भारतीयों के निकट है। पारसी 9वीं-10वीं सदी में भारत आए, ऐसे ऐतिहासिक प्रमाण हैं। भारत में प्रथम पारसी बस्ती का प्रमाण संजाण (सूरत निकट) का अग्नि स्तंभ है- जो अग्निपूजक पारसीधर्मियों ने बनाया।
 
अब पूरी दुनिया में पारसियों की कुल आबादी संभवत: 1,00,000 से अधिक नहीं है। ईरान में कुछ हजार पारसियों को छोड़कर लगभग सभी पारसी अब भारत में ही रहते हैं और उनमें से भी अधिकांश अब मुंबई में हैं।
 
पहले पारसी लोग कृषि में व बाद में व्यापार व उद्योग में लगे। भारतीय जहाज निर्माण को इन्होंने पुनःजीवित कर योरपियों से भारत को सौंपा।

पारसियों द्वारा निर्मित जहाज ब्रिटिश नौसेना खरीदती थी (तब तक भाप के इंजन न थे)। फ्रामजी माणेकजी, माणेकजी बम्मनजी आदि ये पारसी नाम इस संबंध में प्रसिद्ध हैं। अंगरेज शासन के साथ इन्होंने संबंध सामान्य रखे परंतु अपनी भारतीय मान्यताओं व स्वाभिमान को अक्षत रखकर उन्होंने भारत को अपना देश मानकर भारतीय स्वतंत्रता का समर्थन किया।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Kharmas 2025: खरमास क्यों रहता है क्या करना चाहिए इस माह में?

अलविदा 2025: इस वर्ष 5 बड़े धार्मिक समारोह ने किया देश और दुनिया का ध्यान आकर्षित

Guru gochar 202: बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर, विपरीत राजयोग से 4 राशियों को वर्ष 2026 में मिलेगा सबकुछ

वार्षिक राशिफल 2026: गुरु-शनि का महासंयोग बनाएगा राजयोग, इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे सफलता के द्वार

Jagannath puri video: जगन्नाथ मंदिर के गुंबद पर पक्षियों का झुंड, हो सकती है कोई बड़ी दुर्घटना?

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (20 दिसंबर, 2025)

20 December Birthday: आपको 20 दिसंबर, 2025 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 20 दिसंबर, 2025: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Jupiter Transit 2026: नववर्ष 2026 में गुरु किन जातकों के विवाह में बनेंगे बाधक

माघ मेले में जा रहे हैं तो करें पांच तरह का दान, सभी संकट हो जाएंगे दूर

अगला लेख