Biodata Maker

रामनवमी : राम के जन्म की शुभ मंगलमयी तिथि

पं. अशोक पँवार 'मयंक'
सतयुग के बाद त्रेतायुग का आगमन हुआ। त्रेतायुग में रावण के अत्याचारों से चहुंओर हाहाकार मचा हुआ था। देवता तो देवता, साधु-संतों का जीना भी मुश्किल हो गया था। रावण ने अपने प्रताप से नवग्रहों और काल को भी बंदी बना रखा था। रावण को अद्भूत शक्तियां प्राप्त होने की वजह से कोई भी देव, दानव या मानव रावण का संहार नहीं कर सकता था। तब भगवान विष्णु ने राम के रूप में राजा दशरथ के यहां ज्येष्ठ पुत्र के रूप में जन्म लिया। राम भगवान विष्णु के ही अवतार के रूप में जन्मे थे।



भगवान राम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी के दिन पुष्य नक्षत्र में कर्क लग्न में माता कौशल्या के गर्भ से हुआ था। चैत्र शुक्ल नवमी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। आज ही के दिन त्रेतायुग में रघुकुल शिरोमणि महाराज दशरथ एवं महारानी कौशल्या के यहां विष्णुरूपी अत्यंत प्रतापी राम के रूप में जन्म लिया था।

दोपहर दिन के 12 बजे जैसे ही श्रीराम कौशल्या के गर्भ से प्रकट हुए तो माता कौशल्या पुत्र को देखकर विस्मित हो गईं। उनके रूप सौंदर्य व तेज को देखकर उनका मन तृप्त नहीं हो रहा था। भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम के जन्मोत्सव को देखकर देवलोक भी अवध के सामने फीका लग रहा था।




 
देव, ऋषि, किन्नर, चारण सभी जन्मोत्सव में शामिल होकर इस पावन अवसर का आनंद उठा रहे थे। अनादिकाल से हम प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल नवमी को श्रीराम जन्मोत्सव मनाते आ रहे हैं और भजन-कीर्तन कर इस पावन दिन को हर्षोल्लास से मनाते हैं।
 
राम जन्म के कारण ही चैत्र शुक्ल नवमी रामनवमी कही जाती है। रामनवमी के दिन ही संतश्री गोस्वामी तुलसीदासजी ने रामचरित मानस की रचना का आरंभ किया था। 
 
भगवान श्रीराम का अपने जीवन का उद्देश्य अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना करना ही था ताकि आम जन शांति के साथ जीवन व्यतीत कर सके और भगवान की भक्ति कर सके। उसे किसी प्रकार की बाधा नहीं रहे। 
 
राम को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, जो पृथ्वी पर अजेय राक्षस कुल के रावण और आसुरी शक्तियों से पूर्ण अन्य दैत्यों के शमन हेतु आए। 

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

शंकराचार्य कैसे बनते हैं? क्या हैं इसके नियम और अभी कितने शंकराचार्य हैं?

श्रवण नक्षत्र में बुधादित्य योग, किन 5 राशियों के लिए है फायदेमंद

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

धार की भोजशाला: जहाँ पत्थरों पर खुदी है 'संस्कृत' और दीवारों में कैद है परमारों का वैभव

Video: यमुना नदी में कालिया नाग का अवतार? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का जानिए पूरा सच

सभी देखें

धर्म संसार

02 February Birthday: आपको 2 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 2 फरवरी 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (01 फरवरी, 2026)

01 February Birthday: आपको 1 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 1 फरवरी 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय