भगवान राम के ये 10 नामों की खास महिमा, जपने से बदल जाएंगे दिन

WD Feature Desk
Shri RAM Chanting Mantra: राम जी का नाम दुनिया का सबसे बड़ा और पवित्र नाम। मात्र ढाई अक्षर के इस नाम में सबकुछ समाया हुआ है। प्रभु श्री राम के कई नाम है। 108 नामों की चर्चा होती है। उनका नाम सभी जपते हैं। प्रभु श्री राम के बचपन का नाम राघव है। नामकरण संस्कार के समय गुरु वशिष्ठ जी ने उनका नाम राम रखा। आओ जानते हैं उनके 10 नामों की महिमा।
ALSO READ: Ramayan katha in hindi : चित्रमय रामकथा, प्रभु श्रीराम की संपूर्ण कहानी
1. श्रीराम- जिनमें योगीजन रमण करते हैं। इस नाम को जपने से मन और मस्तिष्क शांत हो जाता है। यदि जीवन में कोई कष्ट हो तो इस नाम का जप करें। 
 
2. रमापति- यानी सीताजी के पति। यदि विवाह होने में बाधा आ रही है तो इस नाम का जप करें।
 
3. रघुनाथ- श्रीराम जी रघुवंशी हैं इसलिए उन्हें रघुनाथ कहते हैं। इस नाम को जपने से शिक्षा लाभ मिलता है।
 
4. अवधेश- नौकरी या रोजगार में किसी भी प्रकार की बाधा आ रही है तो इस नाम को जपने से लाभ मिलेगा।
 
5. श्रीमान् राजेन्द्र- श्री सम्पन्न राजाओं के भी राजा, चक्रवर्ती सम्राट। इस नाम को जपने से मान सम्मान में वृद्धि होती है।
 
6. रामभद्र- यानी कल्याणमय राम। इस नाम का जप करने से आपका कल्याण होगा।
 
7. रामचन्द्र- चंद्रमा के समान आनन्दमयी एवं मनोहर राम। इसको जपने से मन में शांति और आनंद मिलता है। 
 
8. दशग्रीवशिरोहर- दशशीश रावण के मस्तक काटने वाले। सभी तरह के शत्रुओं का नाश हो जाता है।
 
9. सदा हनुमदाश्रय- हनुमानजी के ह्रदयकमल में निवास करने वाले। भक्ति प्राप्त करने के लिए जपे इस नाम को।
 
10. हरि- पाप-ताप को हरने वाले। सभी तरह के पापों का नाश होकर मन निर्मल हो जाता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

पर्स में रखें ये 5 चीजें, कभी नहीं होगी धन की कमी बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

चैत्र नवरात्रि पर IRCTC का वैष्‍णोदेवी स्पेशल टूर पैकेज, जानिए कम खर्च में कैसे जा सकते हैं माता रानी के दरबार में

चैत्र नवरात्रि 2025 की अष्टमी तिथि कब रहेगी, क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त?

बुध ग्रह मीन राशि में अस्त, 3 राशियां रहेंगी मस्त

बुध हुए मीन राशि पर अस्त, जानें 5 राशियों पर क्या होगा असर

सभी देखें

धर्म संसार

21 मार्च 2025 : आपका जन्मदिन

21 मार्च 2025, शुक्रवार के शुभ मुहूर्त

jhulelal jayanti 2025: भगवान झूलेलाल की कहानी

चैत्र नवरात्रि पर घट स्थापना और कलश स्थापना क्यों करते हैं?

जानिए कब शुरू को रही है केदारनाथ समेत चारधाम की यात्रा

अगला लेख