Dharma Sangrah

दिल्ली सरकार मेट्रो का अधिग्रहण करने के लिए तैयार : केजरीवाल

Webdunia
सोमवार, 9 अक्टूबर 2017 (12:07 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मेट्रो किराया बढ़ोतरी के मामले में रविवार को कहा कि दिल्ली सरकार मेट्रो को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए इसका अधिग्रहण करने के लिए तैयार है। साथ ही कहा कि परिचालन घाटे का आधा हिस्सा भी आप नीत सरकार 3 महीने तक चुकाने के लिए तैयार है।
 
केजरीवाल ने केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी को रविवार को लिखे पत्र में कहा है कि दिल्ली सरकार मेट्रो के परिचालन घाटे का आधा हिस्सा चुकाने को तैयार है बशर्ते मेट्रो रेल के किराए में इजाफे को रोकने के लिए घाटे के आधे हिस्से की भरपाई केंद्र सरकार भी करे।
 
केजरीवाल ने कहा कि अगर केंद्र सरकार राजी होती है तो दिल्ली सरकार डीएमआरसी का अधिग्रहण करने को इच्छुक है। पुरी ने केजरीवाल को गत शुक्रवार को लिखे पत्र में कहा था कि मेट्रो को सालाना 3,000 करोड़ रुपए का परिचालन घाटा होता है। दिल्ली सरकार अगर इसकी भरपाई करती है तो किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी को रोका जा सकता है। इसके जवाब में केजरीवाल ने पुरी से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) में दिल्ली सरकार की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी का हवाला देते हुए घाटे का आधा हिस्सा चुकाने की सहमति दे दी है।
 
केजरीवाल ने किराया बढ़ोतरी को गैरजरूरी बताने वाली उनकी दलीलों को पुरी द्वारा गलत बताए जाने से असहमति जताते हुए कहा कि मेट्रो की किराया निर्धारण समिति ने पिछले 6 महीने में 82 से 114 प्रतिशत तक किराए में वृद्धि का प्रस्ताव किया है। इससे यात्रियों पर गैरजरूरी बोझ बढ़ने की दलील देते हुए उन्होंने कहा कि मेट्रो के बढ़ते घाटे से नि:संदेह गुणवत्ता पर असर पड़ेगा लेकिन घाटे की भरपाई में केंद्र और दिल्ली सरकार को मिलकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करना चाहिए।
 
उल्लेखनीय है कि समिति की सिफारिश के आधार पर डीएमआरसी ने 10 अक्टूबर से प्रस्तावित किराया बढ़ोतरी को लागू करने का फैसला किया है। केजरीवाल सरकार इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बना रही है।
 
केजरीवाल ने समिति के फैसले को बाध्यकारी बताने की पुरी की दलील को भी गलत बताते कहा कि अगर समिति 8 महीने तक किराए में इजाफे के प्रस्ताव को निलंबित रख सकती है तो दिल्ली वालों के हित में दिल्ली सरकार के अनुरोध पर इस मामले का सर्वमान्य हल निकलने तक इसे कुछ महीनों तक और टालने में मेट्रो प्रबंधन को क्या परेशानी है?
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति के फैसले को रोकने में कानूनी बाध्यताओं की भी पुरी की दलील मानने योग्य नहीं है। कानून में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जो समिति को सर्वाधिकार संपन्न बनाता हो।
 
इस बीच डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने रविवार देर शाम मुख्यमंत्री आवास पर केजरीवाल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बंद कमरे में हुई इस बैठक का ब्योरा देने से इंकार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल ने सिंह से प्रस्तावित किराया बढ़ोतरी को रोकने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटने की दोटूक बात कह दी है।
 
दिल्ली सरकार की दलील है कि डीएमआरसी द्वारा 5 से 21 किमी की यात्रा श्रेणी में 100 प्रतिशत इजाफा किए जाने से मेट्रो के यात्रियों की संख्या कम होगी, क्योंकि इस श्रेणी में सर्वाधिक यात्री सफर करते हैं और शत-प्रतिशत किराया बढ़ने से यात्री मजबूरी में मेट्रो की बजाय शेयरिंग कैब का इस्तेमाल करेंगे। इसका सीधा लाभ ओला उबर जैसी निजी कैब कंपनियों को होगा, साथ ही डीएमआरसी का घाटा बढ़ना तय है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Ceasefire : क्या पाकिस्तान करवा रहा है ईरान और अमेरिका में सुलह, ये 3 मुस्लिम देश बने मध्यस्थ

Plane Crash : कोलंबिया में उड़ान भरते ही सैन्य विमान हुआ क्रैश, 100 से अधिक लोग थे सवार, कई की मौत की आशंका

ईरान-अमेरिका युद्ध पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के क्या मायने, कोविड से क्यों की तुलना

Iran-US War: Donald Trump क्यों पीछे हटे, Insight Story, अब क्या है ईरान का अगला प्लान

ट्रंप ने 5 दिन के लिए टाला हमले का प्लान, तेल के दाम गिरे, ईरानी मीडिया ने कहा- जवाबी हमले से डरे

सभी देखें

नवीनतम

स्वयं सहायता समूह से बदली तकदीर, अनीता संग 4400 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

योगी सरकार ने 9 वर्षों में श्रमिकों के उत्थान की लिखी नई इबारत, करोड़ों श्रमिकों को मिला संबल

योगी सरकार 142 बीपीएचयू के जरिए उपलब्ध कराएगी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं

स्वास्थ्य सेवाओं में उत्तर प्रदेश बना देश में अग्रणी, योगी सरकार ने तैयार किए 5.76 करोड़ से ज्‍यादा इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड

पेट्रोल की किल्लत की अफवाह के बीच अहमदाबाद में EV की बिक्री में उछाल, रोज 50 वाहनों की बुकिंग

अगला लेख