rashifal-2026

अभिमन्यु ही विजेता है, चाहे मार ही क्यों न दिया जाए : कुमार विश्वास

Webdunia
शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017 (08:55 IST)
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेता कुमार विश्वास ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि अंत में अभिमन्यु की ही जीत होगी चाहे उसकी जान ही क्यों न चली जाए।
 
कुमार विश्वास को दिल्ली से राज्यसभा सांसद बनाए जाने को लेकर गुरुवार को राउज एवेन्यू स्थित पार्टी के कार्यालय पर एकत्रित उनके समर्थकों ने नारेबाजी की और अपनी मांग को लेकर कार्यालय में जम गए। बीच-बचाव के लिए वहां पुलिस को भी बुलाना पड़ा।
 
उन्होंने पार्टी कार्यालय में एकत्र हुए कार्यकर्ताओं से हट जाने का अनुरोध करते हुए ट्विटर पर अपनी 26 नवंबर 
को की गयी अपील की ओर ध्यान दिलाया।
 
उन्होंने कहा कि हमारे लिए देश सर्वप्रथम है और इसके बाद पार्टी और अंत में व्यक्ति का स्थान आता है। कार्यकर्ताओं को स्वराज, मूल्यों के समर्थन और पारदर्शिता के लिए लड़ना होगा और वह अपने नाम पर किसी भी तरह के असंतोष को पसंद नहीं करते। 
 
कुमार विश्वास ने अंत में सख्त लहजे में लिखा, 'अभिमन्यु ही विजेता है, चाहे वह मार दिया जाए।' (वार्ता) 
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

धर्मनगरी प्रयागराज में गरमाई राजनीति, शंकराचार्य का आमरण अनशन और प्रशासन का नोटिस, क्या है पूरा मामला?

ऐसी मर्डर मिस्‍ट्री सुनी नहीं होगी, मां से नफरत में दो महिलाओं संग किया ये कांड, वजह जानकर दंग रह जाएंगे

ट्रंप के खिलाफ कनाडाई पीएम मार्क कार्नी के भाषण ने क्यों मचाया तहलका? 'पुराना दौर खत्म', सीधे दावोस से दी चेतावनी

Maharashtra में फिर बड़ा उलटफेर, महायुति में 'दरार', राज ठाकरे अब एकनाथ शिंदे के साथ, शिंदे की सेना और मनसे का गठबंधन

Atal Pension Yojana को लेकर खुशखबरी, Budget 2026 से पहले मोदी सरकार का बड़ा फैसला, जानिए कैसे मिलती है 5000 रुपए महीने पेंशन

सभी देखें

नवीनतम

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने फर्जी पिज्जा हट का उद्घाटन किया, सोशल मीडिया पर बना मजाक

भारत के साथ जल्द होगी अच्छी ट्रेड डील, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में बोले डोनाल्ड ट्रंप- PM मोदी अच्छे इंसान

केंद्रीय मंत्री शिवराज दादा बने, कार्तिकेय के घर बेटी का जन्म

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में CM डॉ. मोहन यादव ने रखा मध्यप्रदेश का हरित ऊर्जा विजन

Shankaracharya Avimukteshwaranand : धर्मनगरी प्रयागराज में गरमाई राजनीति, शंकराचार्य का आमरण अनशन और प्रशासन का नोटिस, क्या है पूरा मामला?

अगला लेख