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अपनी पसंद के लड़के से शादी की तो पिता ने जिंदा बेटी का कर दिया मृत्युभोज!

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विकास सिंह

भोपाल। मध्यप्रदेश के मंदसौर में सभ्य समाज को झकझोर कर देने वाला एक ऐसा मामला समाने आया है, जिसमें एक पिता ने अपनी ही जिंदा बेटी को मरा बताकर उसकी आत्मा की शांति के लिए शान्तिभोज दे दिया। पिता ने जिस जिंदा बेटी के लिए मृत्युभोज दिया उसका कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने पंसद के लड़के से शादी की थी। 
 
पूरा मामला मंदसौर जिले के कुंचड़ौद गांव का है, जहां पर भगतराम मण्डोरा की 19 साल की बेटी शारदा ने गांव में रहने वाले अपनी ही जाति के लड़के से प्रेम विवाह कर लिया था। लड़की के घर से भागकर शादी करना परिवार वालों को इतना नगावार गुजरा कि उन्होंने जिंदा बेटी को स्वर्गवासी बताकार शुक्रवार को पूरे समाज को शान्तिभोज दे दिया है। 
 
जिंदा बेटी का मरा बताने के लिए बाकायदा पत्रिका छपवाई गई, जिसमें बालिग बेटी ने अपनी मर्जी के शादी के लिए जिस दिन (25 जुलाई ) को घर छोड़ा था, उसी दिन उसकी मौत बताकर 2 अगस्त को उसका गौरनी और शान्तिभोज का कार्यक्रम रख दिया। 
 
इस पूरे मामले को लेकर जब 'वेबदुनिया' ने लड़की के भाई लाला कुमावत से बात कर जिंदा बहन को मरा बताने और शान्तिभोज देने की वजह जाननी चाही तो उसने कहा कि वह इसके जरिए पूरे समाज को एक संदेश देना चाहता है कि आगे से कोई ऐसा नहीं करे। 
 
लड़की के लाला कुमावत कहना है कि उसकी बहन के जब घर में शादी की बात चल रही थी तो उसने घर से भागकर अपने पंसद के लड़के से राजस्थान के प्रतापगढ़ में कोर्ट मैरिज कर ली। 
 
जब परिवारवालों को अपने बेटी की शादी का पता चला तो उन्होंने पहले उसे समझाने की कोशिश की लेकिन जब लड़की वापस घर आने को नहीं तैयार हुई तो उन्होंने उसको मरा बताकर शान्तिभोज करने का फैसला कर लिया है। 
 
इस पूरे मामले में हैरत वाली बात यह है कि लड़की ने अपनी ही जाति के लड़के से अपनी पंसद से शादी की जो उसके साथ बचपन से पढ़ा हुआ था। लड़के के गांव में रहने से बाकायदा लड़की के घर वाले भी उसे जानते थे लेकिन इसके बाद भी शारदा के परिवार ने इसे अपनी इज्जत से जोड़ दिया।

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