Publish Date: Tue, 05 Dec 2017 (14:20 IST)
Updated Date: Tue, 05 Dec 2017 (14:25 IST)
गांधीनगर/सूरत। दक्षिण भारत में व्यापक तबाही मचाने के बाद गुजरात की ओर बढ़ रहे समुद्री तूफान ओखी के चलते राज्य तंत्र ने इसके चलते किसी तरह के नुकसान की आशंका से निपटने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं।
ओखी के मंगलवार मध्यरात्रि तक सूरत जिले के आसपास गुजरात तट से टकराने की आशंका है हालांकि तब तक इसके कमजोर पड़ कर गहरे दबाव या सामान्य दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाने की संभावना है और हवा की रफ्तार घट कर 60 से 65 किमी प्रति घंट रह जाएगी पर एहतियाती उपायों में कोई ढील नहीं दी जा रही है।
सूरत के कलेक्टर महेन्द्र पटेल ने तटीय क्षेत्रों में सरकारी क्षेत्र की ओएनजीसी समेत तेल, गैस और रासायनिक क्षेत्र की 11 कंपनियों समेत अन्य को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। समझा जाता है कि इनमें से अधिकतर में 24 घंटे तक उत्पादन बंद रहेगा। 50 से अधित तटीय गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। कुछ स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को भी कहा गया है।
राज्य सरकार की सूचना पर समुद्र से बड़ी संख्या में मछुआरे (अनुमानत: साढे पांच हजार नौकाएं) वापस लौट आए हैं। हालांकि पहले से ही समुद्र में गईं करीब एक हजार नौकाओं को वापस बुलाने के प्रयास जारी हैं। केरल से भटककर इधर आई 50 नौकाएं भी वेरावल तट पर हैं। उधर अमरेली जिले के तट के नजदीक सोमवार रात वापस लौट रही एक नौका डूब गई पर इसमें सवार 8 मछुआरों को बचा लिया गया।
ओखी के प्रभाव से पिछले 24 घंटे में राज्य के सूरत, नवसारी, गिर सोमनाथ, भरूच, तापी, भावनगर, वलसाड समेत नौ तटीय जिलों के 33 तालुका में बरसात दर्ज की गई है। आज भी कई इलाकों में हलकी से मध्यम वर्षा का दौर जारी है। मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात और तटीय सौराष्ट्र में आज कई स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी भी जारी की है।
अहमदाबाद, पंचमहाल समेत कई गैर तटीय जिलों में भी बादल वाले मौसम और हलकी वर्षा का दौर जारी है। सूरत, भावनगर, नवसारी, अमरेली आदि में एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं। प्रत्येक तटीय जिले और तालुका में विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। सेना, नौसेना और बीएसएफ तथा राज्य पुलिस और कोस्टगार्ड को भी अलर्ट कर दिया गया है।
ओखी के कारण गुजरात मैरीटाइम बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों गत 22 अक्टूबर को शुरू हुई घोघा-दाहेज रो रो फेरी सेवा (खंभात की खाड़ी में स्टीमर सेवा) तथा ओखा और तीर्थ स्थल बेट द्वारका के बीच चलने वाली नौकाओं को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। मौसम विभाग ने समुद्र के बहुत उथल पुथल भरा रहने तथा इसमे एक से दो मीटर तक ऊंची लहरें उठने की बात कही है।
चुनाव पर भी असर : उधर, ओखी के चलते मौसम में बदलाव के कारण दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में विधानसभा चुनाव प्रचार भी प्रभावित हुआ है। इसके चलते भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की आज इन क्षेत्रों में होने वाली कम से कम तीन सभाएं, राजस्थान की मुख्यमंत्री विजयराजे सिंधिया की सूरत के मजूरा की एक सभा तथा कांग्रेस के राजबब्बर की जूनागढ़ की एक सभा समेत कई सभाएं रद्द की गई हैं।
हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने दावा किया कि पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की आज से शुरू हो रही तीन दिवसीय यात्रा के कार्यक्रम में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। वह कच्छ के गांधीधाम में पहुंचेगे तथा कई स्थानों पर प्रचार करेंगे। गुजरात में पहले चरण में नौ दिसंबर को दक्षिणी और सौराष्ट्र क्षेत्र में ही चुनाव होना है। इसके लिए प्रचार की आखिरी तिथि सात दिसंबर तक ही है। (वार्ता)