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ओवैसी उवाच, भारत को है कमजोर प्रधानमंत्री और खिचड़ी सरकार की जरूरत

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शनिवार, 10 सितम्बर 2022 (19:03 IST)
अहमदाबाद। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने यहां शनिवार को कहा कि अगले लोकसभा चुनाव के बाद भारत को एक कमजोर प्रधानमंत्री और कई दलों के सहयोग से बनी खिचड़ी सरकार की जरूरत है ताकि समाज के कमजोर वर्ग को लाभ हो सके, क्योंकि एक शक्तिशाली प्रधानमंत्री केवल शक्तिशाली लोगों की मदद करता है।
 
उन्होंने कहा कि एक शक्तिशाली प्रधानमंत्री केवल शक्तिशाली लोगों की मदद करता है। एआईएमआईएम प्रमुख ने आम आदमी पार्टी (आप) पर हमला करते हुए दावा किया कि वह गुजरात में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से अलग नहीं है, क्योंकि उसने बिल्कीस बानो मामले में दोषियों की विवादास्पद रिहाई पर चुप्पी साध रखी है। एआईएमआईएम दिसंबर में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारेगी।
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू के बाद सबसे शक्तिशाली प्रधानमंत्री ने बेरोजगारी, मुद्रास्फीति, चीनी घुसपैठ, कॉर्पोरेट कर छूट और उद्योगपतियों के बैंक ऋण के बारे में सवाल पर व्यवस्था को दोषी ठहराया।
 
उन्होंने कहा कि मेरा मानना ​​है कि देश को अब एक कमजोर प्रधानमंत्री की जरूरत है। हमने एक शक्तिशाली प्रधानमंत्री देखा है, अब हमें एक कमजोर प्रधानमंत्री की जरूरत है ताकि वह कमजोरों की मदद कर सके। एक शक्तिशाली प्रधानमंत्री केवल शक्तिशाली की मदद कर रहा है। ओवैसी ने कहा कि देश को एक खिचड़ी सरकार की जरूरत है। खिचड़ी सरकार से आशय विभिन्न दलों के सहयोग से बनी गठबंधन सरकार से है।
 
ओवैसी ने कहा कि जब कोई कमजोर प्रधानमंत्री बनता है तो कमजोर को फायदा होता है, लेकिन जब एक मजबूत व्यक्ति प्रधानमंत्री बनता है तो शक्तिशाली को लाभ होता है। यह 2024 (लोकसभा चुनाव) का प्रयास होना चाहिए। देखते हैं क्या होता है? मुफ्त में सौगात बांटने को लेकर जारी राजनीति बहस पर उन्होंने कहा कि जिसे आप सौगात कहते हैं, वह सभी की ओर से दी जा रही है। प्रधानमंत्री कॉर्पोरेट कर और उद्योगपतियों के ऋण माफ करते हैं। आप भी भाजपा से अलग नहीं है। दोनों एक ही बात कहते रहते हैं। आप ने बिल्कीस बानो मामले में एक शब्द भी नहीं कहा।
 
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को वर्ष 2024 में विपक्ष के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में कुछ लोगों द्वारा पेश किए जाने के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा कि अगर विपक्ष ने चेहरे पेश करके मोदी के साथ प्रतिस्पर्धा करने की कोशिश की तो भाजपा को फायदा होगा। इसके बजाय हम सभी को सभी लोकसभा सीटों पर भाजपा के साथ प्रतिस्पर्धा करने की जरूरत है।
 
नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगे के समय बिहार के मुख्यमंत्री भाजपा के सहयोगी थे, उन्होंने भगवा पार्टी के साथ सरकारें बनाईं और अब उन्होंने किसी और से हाथ मिला लिया है।(भाषा)

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