Publish Date: Wed, 03 Jul 2019 (20:23 IST)
Updated Date: Wed, 03 Jul 2019 (20:29 IST)
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए योगी सरकार ने 600 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें 200 कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें पिछले दो साल में जबरन सेवानिवृत्ति दे दी गई।
राज्य के मंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार की भ्रष्ट और ढीले ढाले अधिकारियों के खिलाफ 'जीरो टालरेंस' की नीति है। पिछले दो वर्षों के दौरान अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्हें वीआरएस दिया गया है। कई अधिकारियों को चेतावनी दी गई है और उनकी पदोन्नति रोक दी गई हैं।
शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने इस तरह की कार्रवाई की है। हमने एक मिसाल पेश की है। आगे और कार्रवाई होगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पिछले दो वर्षों में लगभग 600 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 169 बिजली विभाग के अधिकारी हैं। पच्चीस अधिकारी पंचायती राज, 26 बेसिक शिक्षा और 18 पीडब्ल्यूडी विभाग के हैं। लगभग 200 अधिकारियों को वीआरएस दिया गया है।
सचिवालय प्रशासन विभाग के कामकाज की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सरकार में भ्रष्ट अधिकारियों और स्टॉफ की कोई जगह नहीं है। ऐसे अधिकारियों को जबरन वीआरएस देना चाहिए।