डेली अमेरिका के अनुसार, अमेरिका के वाशिंगटन में रहने वाली सोनोरा स्मार्ट डोड ने 1909 में स्पोकेन के सेंट्रल मेथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च में मदर्स डे के बारे में सुना तो उन्हें पिता के लिए भी ऐसा ही दिन होने की जरूरत महसूस हुई।
सोनोरा के पिता विलियम स्मार्ट ने अपनी पत्नी के गुजरने के बाद पूरे परिवार की देखभाल की थी और सोनोरा इसके लिए उन्हें दिल से धन्यवाद देना चाहती थी, लिहाजा पहली बार 1910 में जून महीने के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया गया।
फादर्स डे को आधिकारिक छुट्टी का दिन बनने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। चर्च और लोगों का समर्थन मिलने के बावजूद कैलेंडर से इस दिन के गायब हो जाने का खतरा पैदा हो गया था।
एक ओर जहां मदर्स डे पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता, वहीं फादर्स डे मनाने वालों पर हंसा जाता है। फादर्स डे अखबारों में जगह तो पा रहा था लेकिन चुटकलों में... वहां के एक स्थानीय अखबार स्पोक्समैन रिव्यू में फादर्स डे पर चुटकुले प्रकाशित हुए।
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार 1913 में अमेरिकी कांग्रेस में इसे राष्ट्रीय स्तर पर त्योहार के रूप में मनाने के लिए पहली बार बिल पेश किया गया। राष्ट्रपति विल्सन इसे आधिकारिक दर्जा देना चाहते थे लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया। उन्हें डर था कि कहीं इससे डे का व्यावसायीकरण न हो जाए। अमेरिका में कई बार यह बिल पेश किया गया लेकिन कांग्रेस ने इसे नामंजूर कर दिया। अखबार के अनुसार, 1957 में सिनेटर मार्गरेट स्मिथ ने कांग्रेस को खत लिखा और कहा कि 40 सालों से मां को सम्मानित किया जा रहा है जबकि पिता को यूं ही नजरअंदाज किया जा रहा है।
1966 में राष्ट्रपति लिंडन जोनसन ने पहली बार जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाने के लिए पहली सरकारी घोषणा की।
छह साल बाद आखिरकार फादर्स डे अमेरिका में राष्ट्रीय छुट्टी का दिन बन ही गया जब राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने इस संबंध में एक कानून पर हस्ताक्षर किए। इस तरह फादर्स डे को यहां तक पहुंचने के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा।
2014 में फादर्स डे अपनी 104वीं सालगिरह मना रहा है। इस मौके पर इसके जन्म स्थान स्पोकेन में पूरे महीने उत्सव मनाया जा रहा है।