Hanuman Chalisa

माता यशोदा के बारे में 5 अनसुनी बातें

WD Feature Desk
शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2025 (12:37 IST)
Who Was yashoda: माता यशोदा, भगवान कृष्ण की पालक मां के रूप में जानी जाती हैं, उनके जीवन से जुड़ी कई रोचक कहानियां हैं। भगवान कृष्ण की माखन लीला, कालिया उद्धार, पूतना वध, गोचारण, गोवर्धन धारण और कृष्ण की रासलीला आदि अनेक लीलाओं से यशोदा मैया को अपार सुख मिला।ALSO READ: Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि के 5 खास अचूक उपाय, आजमाएंगे तो मिलेगा अपार लाभ
 
इनमें से 5 अनसुनी बातें इस प्रकार हैं:
 
1. माता यशोदा का असली नाम:- भागवत पुराण के अनुसार, माता यशोदा का असली नाम 'सुभद्रा' था। उन्हें 'यशोदा' नाम नंदराय जी के साथ विवाह के बाद मिला, जिसका अर्थ है 'यश' (कीर्ति) और 'दा' (देने वाली)।
 
2. माता यशोदा की सगी बेटी:- माता यशोदा की एक बेटी भी थीं, जिनका नाम एकांगा था, जो योगमाया भी थीं। यशोदा की बेटी ने 8 भुजाओं वाली देवी का रूप धारण कर लिया, आगे जाकर माता विंध्यवासिनी देवी के रूप में विख्यात हुई। यह बात कम लोग जानते हैं, क्योंकि एकांगा का वर्णन अधिक नहीं मिलता।
 
3. रोहिणी और बलराम का संबंध:- भगवान श्री कृष्ण इन्हीं नंद-यशोदा के पुत्र बने और बलराम, जो कृष्ण के बड़े भाई थे, वास्तव में रोहिणी के पुत्र थे। लेकिन उनका पालन-पोषण भी माता यशोदा ने ही किया था। अत: यशोदा ने बलराम के पालन-पोषण की भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो, रोहिणी के पुत्र और सुभद्रा के भाई थे।
 
4. विवाह की रोचक कहानी:- माता यशोदा का विवाह गोकुल के प्रसिद्ध व्यक्ति नंदराय जी के साथ बड़ी धूमधाम से हुआ था। कहा जाता है कि इस विवाह में स्वयं ब्रह्मा जी और अन्य देवता भी शामिल हुए थे।
 
5. कंस के वध की भविष्यवाणी:- जब कृष्ण का जन्म हुआ, तो आकाशवाणी हुई थी कि कंस का वध उन्हीं के हाथों होगा। यह भविष्यवाणी सुनकर माता यशोदा बहुत डर गई थीं, लेकिन उन्हें कृष्ण पर अटूट विश्वास था।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

ALSO READ: महाशिवरात्रि पर कहां कहां होते हैं भोलेनाथ के ऑनलाइन लाइव दर्शन, जानें पूरी जानकारी

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

ज्योतिषीय भविष्यवाणी: शनि के रेवती नक्षत्र में आते ही बदल सकते हैं देश के हालात

2026 में दुर्लभ संयोग 2 ज्येष्ठ माह, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, भारत में होंगी 3 बड़ी घटनाएं

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

सभी देखें

धर्म संसार

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

Jyeshtha Amavasya 2026: ज्येष्ठ माह की अमावस्या का क्या है महत्व, जानिए पौराणिक कथा

Guru Pradosh Vrat 2026: गुरु प्रदोष का व्रत रखने का महत्व और विधि

Achala Ekadashi 2026: अचला एकादशी व्रत का समय, पूजा और पारण विधि

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (13 मई, 2026)

अगला लेख