गरुड़ पुराण के अनुसार इन 7 चीजों को देखने से बदल जाते हैं दिन, चमक जाती है किस्मत

अनिरुद्ध जोशी
सोमवार, 2 मई 2022 (17:58 IST)
Garuda purana ka gyan : गरुड़ पुराण में, मृत्यु के पहले और बाद की स्थिति के बारे में बताया गया है। इसीलिए यह पुराण मृतक को सुनाया जाता है। गरुड़ पुराण में हमारे जीवन को लेकर कई गूढ बातें बताई गई है। जिनके बारे में व्यक्ति को जरूर जनना चाहिए। गरुड़ पुराण में वैसे तो कई ऐसी चीजों का जिक्र है जिन्हें देखने मात्र से ही किस्मत के दरवाजा खुल जाते हैं लेकिन हम लाएं आपके लिए खास 7 चीजों को लेकर।
 
 
1. हिन्दू धर्म में गाय को सबसे पवित्र प्राणी माना गया है। गरुड़ पुराण अनुसार मरने के बाद वैतरणी नदी को पार कराने वाली गाय ही होती है। गरुड़ पुराण के मुताबिक गाय के दूध को देखने मात्र से ही कई पूजा-पाठ, यज्ञ-अनुष्ठान करने के सामान पुण्य प्राप्त होता है।
 
2. यदि आप गाय को अपने ख़ुरों भूमि को खुरचते हुए देख लें तो समझों आपकी किस्मत खुल गई क्योंकि इसे देखना भी पुण्य की प्राप्ति का कार्य है।
 
3. गाय के पौरों के दर्शन होना भी पुण्य का कार्य है। तीर्थ दर्शन का जो पुण्‍य प्राप्त होता है वह गाय के खुरों को देखने मात्र से ही हो जाता है।
 
4. गरुड़ पुराण के अनुसार गौमूत्र को देखने मात्र से ही पुण्य की प्राप्ति होती है। गौमूत्र चिकित्सा का आजकल बहुत प्रचलन है। 
 
5. गोबर करती गाय नज़र आ जाए तो इसे शुभ संकेत माना जाता है। यानी आपके जीवन में कुछ अच्‍छा होने वाला है।
 
6. गुरुड़ पुराण अनुसार गौशाला देखने से भी शुभ फल की प्राप्ति होती है। 
  
7. गरुड़ पुराण में अनुसार यदि कोई व्यक्ति खेतों में लहलहाती पकी हुई फसल को देख लेता है उसे पुण्य की प्राप्ति के साथ ही उसका दिमाग स्थिर होकर और मन सुकून से भर जाता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुड़ी पड़वा से शुरू हो रही है 8 दिन की चैत्र नवरात्रि, हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी, जानिए फल

jhulelal jayanti 2025: भगवान झूलेलाल की कहानी

चैत्र नवरात्रि पर घट स्थापना और कलश स्थापना क्यों करते हैं?

जानिए कब शुरू हो रही है केदारनाथ समेत चार धाम की यात्रा

51 शक्तिपीठों में से एक है कोलकाता का कालीघाट मंदिर, सोने से बनी है मां काली की जीभ

सभी देखें

धर्म संसार

चैत्र नवरात्रि में करें लौंग के ये अचूक उपाय, माता के आशीर्वाद से मिलेगा हर समस्या से छुटकारा

Navsamvatsar 2082: सिद्धार्थ संवत्सर में सूर्य राजा, बुध धनेश, जानें कैसा होगा विश्व के लिए हिन्दू नववर्ष

Chaitra Navratri 2025 : 51 में से पश्चिम बंगाल के इन 12 शक्तिपीठों पर हवाई, रेल और सड़क मार्ग से कैसे पहुंचे?

चैत्र नवरात्रि में माता को प्रसन्न करने के लिए 9 दिनों तक लगाएं ये 9 भोग

चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि कैसे मनाते हैं, जानें 5 प्रमुख बातें

अगला लेख