Hanuman Chalisa

हनुमान की भक्ति में बन गया संग्रहालय

Webdunia
लखनऊ। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में हनुमान की भक्ति में लीन इंदिरानगर निवासी सुनील गोम्बर ने उनकी विभिन्न मुद्राओं के चित्र एवं पुस्तकें एकत्र करते हुए हनुमत संग्रहालय की रचना कर डाली। अब उनके घर ज्येष्ठ माह में हर मंगल के दिन दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगता है। 
 
ज्येष्ठ माह में मंगल को बडा़ मंगल कहा जाता है। सुनील गोम्बर ने बताया कि हनुमान जी को जब नौ व्याकरण की शिक्षा दी जानी थी तो उनका विवाहित होना जरूरी था। ऐसे में उनके गुरु भगवान सूर्य ने अपनी किरणों से सुवर्चना को प्रगट किया जिनसे हनुमान जी का विवाह कराया गया। विवाह के बावजूद हनुमान जी ने ब्रह्मचर्य का ही पालन किया। 
 
गोम्बर के संग्रहालय में हनुमान जी का पत्नी के साथ चित्र समेत करीब डेढ़ हजार से अधिक दुर्लभ तस्वीरें हैं। तस्वीरें विश्व के कई देशों से इकट्ठा की गई हैं।

सुनील ने बताया कि बडे़ मंगल के दिन संग्रहालय में काफी अधिक भीड़ होती है। भक्त आते हैं और हनुमान जी के विविध अलौकिक रूपों के दर्शन करते हैं। 
 
संग्रहालय में हनुमान जी के सिक्के और एक हजार से अधिक पुस्तकें भी उपलब्ध हैं। बानवाली गली चौक निवासी कृष्ण कुमार चौरसिया ने भी आकर्षक हनुमत संग्रहालय बना रखा है। संग्रहालय में करीब 5 हजार हनुमान जी की तस्वीरें व मूर्तियां हैं जिन्हें कृष्ण कुमार ने खुद ही बनाई हैं। (वार्ता) 



 

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

सूर्य का मीन राशि में गोचर: इन 6 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के नए रास्ते

चैत्र नवरात्रि 2026: घट स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें कलश स्थापना का सही समय

हिंदू नववर्ष 2083 के कौन है वर्ष का राजा और मंत्री, किन राशियों पर रहेगा शुभ प्रभाव

विक्रम संवत सबसे प्राचीन होने के बाद भी भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर क्यों नहीं बना? जानिए 3 बड़े कारण

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (21 मार्च, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 21 मार्च 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

21 March Birthday: आपको 21 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

गणगौर ईसर-गौरी की अमर कथा: प्रेम, परीक्षा और सुहाग का वरदान

Mata chandraghanta: नवरात्रि की तृतीया देवी मां चंद्रघंटा: अर्थ, पूजा विधि, आरती, मंत्र, चालीसा, कथा और लाभ