Festival Posters

तुलसी माता की करेंगे 5 तरह से सेवा तो प्रसन्न होंगे सभी देव

अनिरुद्ध जोशी
अधिकतर घरों में तुलसी को पौधा होता है। तुलसी पौथे की देखरेख बहुत ही सावधानी से करना होती है अन्यथा यह पौधा जल्दी ही मुरझाकर खत्म हो जाता है। इसकी देखरेख या सेवा करने के कुछ नियम है उन्हीं में से 5 नियमों को जान लें। इन नियमों का पालन करने से जहां विष्णु, लक्ष्मी प्रसन्न होंगे वहीं सभी देवी और देवता भी प्रसन्न होकर आशीर्वाद देंगे।
 
 
1. प्रथम सेवा : तुलसी की जड़ों में रविवार और एकादशी को छोड़कर प्रतिदिन उचित मात्रा में जल अर्पण करना चाहिए। अर्थात ना कम और ना ज्यादा। यदि ज्यादा मात्रा में जल अर्पण किया तो पौधा समाप्त हो जाएगा और कम मात्रा में भी। कम फिर भी चल जाएगा परंतु ज्यादा नहीं। वैसे यदि एक दिन छोड़कर भी आप पानी अर्पण करेंगे तो चलेगा। बारिश में तो सप्ताह में दो बार ही डालें। रविवार और एकादशी के दिन तुलसी महारानी ठाकुरजी के लिए व्रत रखती है। वह केवल इन्हीं दो दिनों विश्राम करती और निंद्रा लेती हैं।

 
2.द्वितीय सेवा : समय समय पर तुलसी की मं‍जरियों को तोड़कर तुलसी से अलग करते रहें अन्यथा तुलसी बीमार होकर सूख जाएगी। कहते हैं कि जब तक यह मंजरियां तुलसी माता के शीश पर रहती है तब तक वह घोर कष्ट में रहती है। तुसली पत्ता, दल या मंजरी तोड़ने से पहले तुलसी जी की आज्ञा लेना जरूरी है। रविवार और एकादशी को यह कार्य नहीं करना चाहिए। नाखुनों से तुलसी को नहीं तोड़ना चाहिए।
 
3. तीसरी सेवा : वह महिलाएं तुलसी माता से दूर रहें जिन्हें पीरियड चल रहे हैं। यदि वे तुलसी के आसपास भी होंगी तो तुलसी मुरझाकर मर जाएगी। अत: इस बात का विशेष ध्यान रखें।

 
4. चौथी सेवा : तुलसी माता के आसपास वस्त्रों को ना सुखाएं। गिले वस्त्रों के आसपास से साबुन की गंध और सफेद किस्म के कीड़े या बैक्टिरिया रहते हैं जिनके कारण तुलसी को भी कीड़े लग सकते हैं। ऐसा अक्सर देखा गया है कि कपड़ों के कारण तुलसी में कीड़े लगे और वह सड़कर, काली पड़कर खतम हो गई। 

 
5. पांचवां सेवा : तुलसी के पौधे को मौसम की मार से भी बचा कर रखना चाहिए। ज्यादा ठंड या गर्मी से तुलसी समाप्त हो जाती है। इसलिए ठंड में तुलसी माता के आसपास कपड़े या कांच का कवर लगाया जा सकता है। तेज बारिश से भी तुलसी को बचाकर रखें। 

 
नोट : तुलसी के पौधे की देखभाल, तुलसी के पौधे को हरा भरा कैसे बनाएं इस संबंध में इंटरनेट पर सर्च करें या किसी माली से मिलें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

सूर्य का मकर राशि में गोचर, 12 राशियों का राशिफल, किसे होगा लाभ और किसे नुकसान

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

Basant Panchami 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार कब मनाए जाएगा

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

सभी देखें

धर्म संसार

माघ शुक्ल चतुर्थी को कहां मनाई जाती है गणेश जयंती?

मौनी अमावस्या की पौराणिक कथा Mauni Amavasya Katha

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (16 जनवरी, 2026)

16 January Birthday: आपको 16 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

शुक्र प्रदोष का व्रत रखने से शुक्र होगा मजबूत और मिलेगा शिवजी और लक्ष्मी माता का आशीर्वाद, जानें उपाय

अगला लेख