कब-कब किया जाता है मुंडन, जानिए

अनिरुद्ध जोशी
हिन्दू, जैन और बौद्ध सहित सभी भारतीय धर्म में मुंडन संस्कार किए जाने के बहुत ही ज्यादा महत्व है। आओ जानते हैं कि यह संस्कार कब-कब और क्यों किया जाता है।
 
मुंडन संस्कार : 
हिन्दू और जैन धर्म में मुंडन संस्कार 3 वक्तों पर किया जाता है : पहला- बचपन में, दूसरा- गायत्री मंत्र या दीक्षा लेते वक्त और तीसरा- किसी स्वजन की मृत्यु होने पर। 
 
इसके अलावा यज्ञादि विशेष कर्म और तीर्थ में जाकर भी मुंडन किया जाता है। दाह संस्कार के समय मृत व्यक्ति के पुरुष परिजनों के सिर मुंडाने की प्रथा चली आ रही है। मुंडन कराने के दो कारण हैं- पहला यह कि मृत व्यक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट कर उसे कम से कम तब तक याद रखना, जब तक कि मुंडन रहता है।

दूसरा यह कि सभी तरह के संक्रमण से बचने के लिए शरीर को शुद्ध और साफ कर लिया जाता है। मृतक के परिवार के सभी पुरुष सदस्य और काका-बाबा में सभी को मुंडन कराना चाहिए, ताकि सूतक का असर कम हो।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

पर्स में रखें ये 5 चीजें, कभी नहीं होगी धन की कमी बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा

चैत्र नवरात्रि पर IRCTC का वैष्‍णोदेवी स्पेशल टूर पैकेज, जानिए कम खर्च में कैसे जा सकते हैं माता रानी के दरबार में

चैत्र नवरात्रि 2025 की अष्टमी तिथि कब रहेगी, क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त?

बुध ग्रह मीन राशि में अस्त, 3 राशियां रहेंगी मस्त

बुध हुए मीन राशि पर अस्त, जानें 5 राशियों पर क्या होगा असर

सभी देखें

धर्म संसार

51 शक्तिपीठों में से एक है कोलकाता का कालीघाट मंदिर, सोने से बनी है मां काली की जीभ

हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा की 5 रोचक बातें जो इसे बनाती है सबसे अलग

Lal Kitab Astrology Tips: टेंशन दूर करना हो तो रात को तकिए के पास एक चीज रखकर सोएं

सूर्य ग्रहण वाले दिन शनि ग्रह जाने वाले हैं मीन राशि में, 6 राशियों के जीवन में होगा कुछ बड़ा बदलाव

Weekly Muhurat: मार्च 2025 के नए सप्ताह के शुभ मुहूर्त, जानें व्रत-त्योहार एवं ग्रह गोचर

अगला लेख