Hanuman Chalisa

भगवान कार्तिकेय के 70 चमत्कारी दिव्‍य नाम

Webdunia
कार्तिकेय जी के दिव्‍य नाम दिए जा रहे हैं। जो इनका पाठ करता है, वह धन, कीर्ति तथा स्‍वर्गलोक प्राप्‍त कर लेता है, इसमें संशय नहीं है। कार्तिकेय के प्रसिद्ध नामों की सूची इस प्रकार है। आइए जानें... 
 
भगवान कार्तिकेय के चमत्कारी नाम :- 
 
1. कार्तिकेय,
2. महासेन,
3. शरजन्मा,
4. षडानन,
5. पार्वतीनन्दन,
6. स्कन्दम्,
7. सेनानी,
8. अग्निभू,
9. गुह,
10. बाहुलेय,
11. तारकजित्,
12. शिखिवाहन,
13. शक्तिश्वर,
14. कुमार,
15. क्रौंचदारण,
16. आग्‍नेय,
17. स्‍कन्‍द,
18. दीप्तकीर्ति,
19. अनामय,
20. मयूरकेतु,
21. धर्मात्‍मा,
22. भूतेश,
23. महिषमर्दन,
24. कामजित्,
25. कामद,
26. कान्‍त,
27. सत्यवाक,
28. भुनेश्‍वर,
29. शिशु,
30. शीघ्र,
31. शुचि,
32. चण्‍ड,
33. दीप्‍तवर्ण,
34. शुभानन,
35. अमोघ
36. अनघ,
37. रौद्र,
38. प्रिय,
39. चन्‍द्रानन,
40. दीप्‍तशक्ति,
41. प्रशान्‍तात्‍मा,
42. भद्रकृत्,
43. कूटमोहन,
44. षष्‍ठीप्रिय,
45. धर्मात्‍मा,
46. पवित्र,
47. मातृवत्‍सल,
48. कन्‍याभर्ता,
49. विभक्‍त,
50. स्‍वाहेय,
51. रेवतीसुत,
52. प्रभु,
53. नेता,
54. विशाख,
55. नैगमेय,
56. सुदुश्रर,
57. सुव्रत,
58. बालक्रीडनकप्रिय,
59. आकाश्‍चारी,
60. ब्रह्मचारी,
61. शूर,
62. शखणोद्भव,
63. विश्‍वामित्रप्रिय,
64. देवसेनाप्रिय,
65. वासुदेवप्रिय,
66. स्कंद,
67. प्रिय
68. प्रियकृत्
69. मुरुगन
70. सुंदर
 
ये कार्तिकेय जी के 70 दिव्‍य नाम हैं। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

ज्योतिषीय भविष्यवाणी: शनि के रेवती नक्षत्र में आते ही बदल सकते हैं देश के हालात

2026 में दुर्लभ संयोग 2 ज्येष्ठ माह, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, भारत में होंगी 3 बड़ी घटनाएं

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

सभी देखें

धर्म संसार

14 May Birthday: आपको 14 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 14 मई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

गुरु प्रदोष व्रत 2026: जानें महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

अपरा एकादशी को क्यों कहते हैं अचला एकादशी, जानिए दोनों का अर्थ और फायदा

अगला लेख