Hanuman Chalisa

रुद्राक्ष : किस फल के लिए किस मंत्र के साथ पहनें

ज्योतिर्विद रश्मि शर्मा
शिव तप के समय क्षुब्ध हो उठे और उनके नेत्रों से जल की कुछ बूंद धरती पर गिरी यही रुद्राक्ष के फल के रुप मे परिणित हुई। यह चार प्रकार के होते हैं एवं इनमें असीम शक्ति होती हैं।

रुद्राक्ष जितना छोटा होता हैं। उतना प्रभावशाली होता हैं। जिसमे पिरोने योग्य छेद न हो, टूटा हो, जिसे कीड़े ने खा लिया हो वह रुद्राक्ष नहीं धारण करना चाहिए।

शिवपुराण के अनुसार रुद्राक्ष कोई भी धारण कर सकता हैं। रुद्राक्ष चौदह प्रकार के होते हैं। उनका अल ग- अलग फल एवं पहनने के मंत्र हैं।

आगे पढ़ें चौदह मुखी रुद्राक्ष और उनको धारण करने के मंत्र :-

FILE


एक मुखी रुद्राक्ष- लक्ष्मी प्राप्ति, भोग एवं मोक्ष के लिए 'ॐ ह्रीं नम:' धारण मंत्र के साथ पहनें।


FILE


दो मुखी रुद्राक्ष- कामनाओं की पूर्ति के लिए धारण मंत्र-'ॐ नम:' के साथ पहनें।


FILE


तीन मुखी रुद्राक्ष- विद्या प्राप्ति के लिए धारण मंत्र- 'ॐ क्लीं नम:' को बोलकर पहनें।


FILE


चार मुखी रुद्राक्ष- धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष प्राप्ति के लिए धारण मंत्र- 'ॐ ह्रीं नम:' का स्मरण कर पहनें।


FILE


पांच मुखी रुद्राक्ष- मुक्ति एवं मनोवांछित फल हेतु धारण मंत्र- 'ॐ ह्रीं क्लीं नम:' के साथ पहनें।


FILE


छ: मुखी रुद्राक्ष- पाप से मुक्ति हेतु मंत्र- 'ॐ ह्रीं ह्रुं नम:' के साथ धारण करें।


FILE


सात मुखी रुद्राक्ष- ऐश्वर्यशाली होने के ‍लिए मंत्र- 'ॐ हुं नम:' का ध्यान कर इस रुद्राक्ष को धारण करें।


FILE


आठ मुखी रुद्राक्ष- लंबी आयु प्राप्ति के लिए- 'ॐ हुं नम:' धारण मंत्र के साथ पहनें।


FILE


नौ मुखी रुद्राक्ष से सभी कामना पूर्ण होती हैं। इसे बाएं हाथ मे ं- ' ॐ ह्रीं ह्रुं नम:' मंत्र के साथ धारण करें।


FILE


दसमुखी रुद्राक् ष- संतान प्राप्ति हेतु मंत्र- 'ॐ ह्रीं नम:' के साथ पहनें।


FILE


ग्यारह मुखी रुद्राक्ष सर्वत्र विजय प्राप्त करने हेतु इस धारण मंत्र- 'ॐ ह्रीं ह्रुं नम:' के साथ पहनें।


FILE


बारह मुखी रुद्राक्ष रोगों में लाभ हेतु मंत्र- 'ॐ क्रौं क्षौं रौं नम:' के साथ पहनें।


FILE


तेरह मुखी रुद्राक्ष सौभाग्य एवं मंगल की प्राप्ति के लिए मंत्र- 'ॐ ह्रीं नम:' के साथ पहनें।


FILE


चौदह मुखी रुद्राक्ष समस्त पापों का नाश करता है। इसे धारण मंत्र- 'ॐ नम:' के साथ पहनें।

इसके अलावा एक गौरीशंकर रुद्राक्ष भी होता है। यह समस्त प्रकार के सुख प्रदान करने वाला होता है। इसे मात्र ॐ न म: शिवाय का जप कर धारण कर सकते हैं।

WD


( समाप्त)

वेबदुनिया पर पढ़ें

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

वैशाख महीना किन देवताओं की पूजा के लिए है सबसे शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व

ऑपरेशन सिंदूर 2.0: क्या फिर से होने वाला है भारत और पाकिस्तान का युद्ध, क्या कहता है ज्योतिष

महायुद्ध के संकेत! क्या बदलने वाला है कुछ देशों का भूगोल? ज्योतिष की चौंकाने वाली भविष्यवाणी

अक्षय तृतीया पर क्यों होता है अबूझ मुहूर्त? जानिए इसका रहस्य

बैसाखी कब है, क्या है इसका महत्व, जानिए खास 5 बातें

सभी देखें

धर्म संसार

09 April Birthday: आपको 9 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 9 अप्रैल 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

Satuvai Amavasya 2026: सतुवाई अमावस्या 2026 कब है, जानें मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

सूर्य मेष संक्रांति 2026: इस दिन क्या करें और किन कामों से बचें?

मई-जून में शुरू होगा विनाशकारी खप्पर योग, पिछले साल इस योग में हुआ था भारत-पाक युद्ध

अगला लेख