Hanuman Chalisa

श्रावण मास का पहला बुधवार : इन 10 उपायों से मिलेगा यश,सुख और धन बेशुमार

अनिरुद्ध जोशी
श्रावण मास के बुधवार को विशेष कर गणेशजी की विधिवत रूप से पूजा करने के 10 लाभ मिलते हैं। आओ जानते हैं कि वे कौन कौनसे फायदे हैं।
 
1.बुधवार की प्रकृति चर और सौम्य मानी गई है। ज्योतिष अनुसार यह भगवान गणेश और लाल किताब अनुसार दुर्गा माता का दिन है। कमजोर मस्तिष्क वालों को श्रावण मास बुधवार के दिन उपवास रख कर पूजा करना चाहिए, क्योंकि बुधवार का दिन बुद्धि प्राप्ति का दिन होता है।
 
2. पुराणों में गणेशजी की भक्ति शनि सहित सारे ग्रहदोष दूर करने वाली भी बताई गई हैं।
 
3. श्रावण मास बुधवार के शुभ दिन गणेशजी की उपासना से व्यक्ति का सुख-सौभाग्य बढ़ता है और उसके जीवन से सभी तरह की रुकावटें दूर होती हैं।
 
4. श्रावण मास बुधवार के दिन घर में सफेद रंग के गणपति की स्थापना करने से समस्त प्रकार की तंत्र शक्ति का निवारण होता है।
 
5. इसी प्रकार यदि परिवार में गृह कलेश हो तो श्रावण मास बुधवार के दिन दूर्वा के गणेशजी की प्रतिकात्मक प्रतिमा बनाएं। इसे अपने घर के देवालय में स्थापित करें और प्रतिदिन इसकी विधि-विधान से पूजा करें।
 
6. धन प्राप्ति के लिए श्रावण मास बुधवार के दिन श्री गणेश को घी और गुड़ का भोग लगाएं। बाद में यह घी व गुड़ गाय को खिला दें। ये उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान हो जाता है।
 
7.गणेश या दुर्गा मंदिर के बाहर बैठी किसी कन्या को श्रावण मास बुधवार के दिन साबुत बादाम देना चाहिए। इससे घर की बीमारी दूर होती है।
 
8. श्रावण मास बुधवार को जमा किए गए धन में बरकत रहती है। श्रावण मास बुधवार को धन का लेन-देन नहीं करना चाहिए।
 
9. बिगड़े काम बनाने के लिए श्रावण मास बुधवार को गणेश मंत्र का स्मरण करें-
 
त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय।
नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।
 
अर्थात भगवान गणेश आप सभी बुद्धियों को देने वाले, बुद्धि को जगाने वाले और देवताओं के भी ईश्वर हैं। आप ही सत्य और नित्य बोधस्वरूप हैं। आपको मैं सदा नमन करता हूं। कम से कम 21 बार इस मंत्र का जप जरुर होना चाहिए।
 
10. ग्रह दोष और शत्रुओं से बचाव के लिए-
गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:।
नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक:।।
धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:।
गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम्।।
 
ये भगवान गणेश जी के बारह नाम है। इन नामों का जप उचित स्थान पर बैठकर किया जाए तो यह उत्तम फलदायी है। जब पूरी पूजा विधि हो जाए तो कम से कम 11 बार इन नामों का जप करना शुभ होता है।

इस गणेश नामावली को पढ़ने से मिलेगा विवेक, ज्ञान और बुद्धि

ALSO READ: Lord Ganesh Chalisa : जय जय जय गणपति राजू

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मीन राशि में 5 ग्रहों की बड़ी हलचल: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, क्या आपकी राशि है शामिल?

सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में, 3 राशियों के लिए गोल्डन टाइम

शनिदेव की कृपा के ये गुप्त संकेत पहचानें, जीवन में आएंगे बड़े बदलाव

क्या आपकी कुंडली में है गंडमूल दोष? तुरंत करें ये 5 असरदार उपाय

मेष राशि में सूर्य का प्लूटो से स्क्वायर, क्या होगा 4 राशियों पर इसका प्रभाव

सभी देखें

धर्म संसार

02 May Birthday: आपको 2 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 2 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

ग्रहों का नक्षत्र गोचर काल क्या है? जानिए इसकी अवधि और प्रभाव

11 मई 2026 का महागोचर: 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, पीछे मुड़कर देखने की नहीं पड़ेगी जरूरत

नारद जयंती 2026: ब्रह्मांड के पहले 'इंफॉर्मेशन ऑफिसर' देवर्षि नारद की 5 अनसुनी गाथाएं

अगला लेख