Hanuman Chalisa

गणेश चतुर्थी विशेष : श्री गणेश जन्म कथा...

Webdunia
श्रीगणेश के जन्म की कथा भी निराली है। वराहपुराण के अनुसार भगवान शिव पंचतत्वों से बड़ी तल्लीनता से गणेश का निर्माण कर रहे थे। इस कारण गणेश अत्यंत रूपवान व विशिष्ट बन रहे थे। आकर्षण का केंद्र बन जाने के भय से सारे देवताओं में खलबली मच गई। इस भय को भांप शिवजी ने बालक गणेश का पेट बड़ा कर दिया और सिर को गज का रूप दे दिया।
 
दूसरी कथा शिवपुराण से है। इसके मुताबिक देवी पार्वती ने अपने उबटन से एक पुतला बनाया और उसमें प्राण डाल दिए। उन्होंने इस प्राणी को द्वारपाल बना कर बैठा दिया और किसी को भी अंदर न आने देने का आदेश देते हुए स्नान करने चली गईं। संयोग से इसी दौरान भगवान शिव वहां आए। उन्होंने अंदर जाना चाहा, लेकिन बालक गणेश ने रोक दिया। नाराज शिवजी ने बालक गणेश को समझाया, लेकिन उन्होंने एक न सुनी।
क्रोधित शिवजी ने त्रिशूल से गणेश का सिर काट दिया। पार्वती को जब पता चला कि शिव ने गणेश का सिर काट दिया है, तो वे कुपित हुईं। पार्वती की नाराजगी दूर करने के लिए शिवजी ने गणेश के धड़ पर हाथी का मस्तक लगा कर जीवनदान दे दिया। तभी से शिवजी ने उन्हें तमाम सामर्थ्य और शक्तियां प्रदान करते हुए प्रथम पूज्य और गणों का देव बनाया।
गणेश के पास हाथी का सिर, मोटा पेट और चूहा जैसा छोटा वाहन है, लेकिन इन समस्याओं के बाद भी वे विघ्नविनाशक, संकटमोचक की उपाधियों से नवाजे गए हैं। कारण यह है कि उन्होंने अपनी कमियों को कभी अपना नकारात्मक पक्ष नहीं बनने दिया, बल्कि अपनी ताकत बनाया। उनकी टेढ़ी-मेढ़ी सूंड बताती है कि सफलता का पथ सीधा नहीं है।


 
 
यहां दाएं-बाएं खोज करने पर ही सफलता और सच प्राप्त होगा। हाथी की भांति चाल भले ही धीमी हो, लेकिन अपना पथ अपना लक्ष्य न भूलें। उनकी आंखें छोटी लेकिन पैनी है, यानी चीजों का सूक्ष्मता से विश्लेषण करना चाहिए। कान बड़े है यानी एक अच्छे श्रोता का गुण हम सबमें हमेशा होना चाहिए।
 
Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

बुध का मीन राशि में प्रवेश: इन 5 राशियों के लिए बढ़ सकता है खतरा, रहें सतर्क

अगले 7 साल की डराने वाली भविष्यवाणी! क्या आने वाला है बड़ा संकट?

केदानाथ और बद्रीनाथ मंदिर धाम जाने से पहले कर लें ये जरूरी 5 तैयारियां

खप्पर योग बना खतरनाक: 4 राशियों को नुकसान, 4 को मिलेगा बड़ा लाभ

छोटा चारधाम यात्रा 2026: कब खुलेंगे केदारनाथ-बद्रीनाथ के कपाट? जानें यात्रा की पूरी तारीख

सभी देखें

धर्म संसार

17 April Birthday: आपको 17 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 17 अप्रैल 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

जगन्नाथ मंदिर के आसपास आसमान हुआ गुलाबी, चमत्कार, विज्ञान या भविष्य का संकेत?

मीन राशि में बना चतुर्ग्रही योग: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

शनि की साढ़ेसाती: डरने की नहीं, जीवन बदलने का सुनहरा मौका

अगला लेख