rashifal-2026

भगवान शिव ने माता पार्वती को बताए थे मृत्यु के ये 8 महत्वपूर्ण संकेत

Webdunia
* मृत्यु के बारे में अगर आप भी कुछ ऐसा ही महसूस करते हैं तो समझिए मृत्यु निकट है, पढ़ें 8 विशेष संकेत
 
जब इंसान मृत्यु के बारे में बात करता है और उसके बारे में सोचता है तो उसके दिमाग में एक अजीब सा डर बैठ जाता है। हालांकि, इंसान जानता है कि जीवन का सबसे बड़ा सत्य मृत्यु है। जिसने इस मृत्यु लोक में जन्म लिया है उसे एक ना एक दिन तो मरना ही होगा।
 
लेकिन यह सब जानते हुए भी वह इस तथ्य को स्वीकार नहीं करना चाहता। शिव पुराण के अनुसार एक बार देवी पार्वती ने भगवान शिव से पूछा क्या कोई ऐसे संकेत होते हैं जिससे यह पता लग जाए कि मनुष्य की मृत्यु होने वाली है? या मनुष्य की मृत्यु निकटस्थ है।

भगवान शिव ने कहा अवशय देवी और वे देवी पार्वती को बताने लगे...
 
1. भगवान शिव के मुताबिक जब व्यक्ति के तन का रंग हल्का पीला पड़ने लगे या सफेद व थोड़ा सा लाल पड़ने लगे तो यह इस ओर इशारा करता है कि व्यक्ति की मौत अगले 6 महीने के अंतराल में होने वाली है।
 
2. जब कोई व्यक्ति अपने प्रतिबिंब को पानी, तेल और सीसे में देखने में असमर्थता महसूस करने लगे तो यह इस ओर इंगित करता है कि व्यक्ति की मौत अगले 6 महीनों के अंतराल में होने वाली है। 
 
3. जो लोग अपनी वास्तविक उम्र से ज्यादा जीते हैं उन्हें उनकी छाया दिखाई नहीं देती और जिन्हें दिखाई देती है उन्हें धड़ रहित छाया दिखाई देती है। जो भयभीत करने वाली होती है। 
 
4. जब किसी इंसान के बाएं हाथ में अजीब तरह की मरोड़ आने लगे और यह मरोड़ एक हफ्ते से ज्यादा तक जारी रहे तो समझ लीजिए वह इंसान एक महीने से ज्यादा नहीं जिएगा। 
 
5. जब किसी इंसान को यह महसूस होने लगे कि उसका मुंह, जीभ, आंखे, कान और नाक पत्थर की होती जा रही हैं तो उसक व्यक्ति की अगले 6 माह के बाद मृत्यु निश्चित होती है। 
 
6. जब कोई व्यक्ति चंद्रमा, सूर्य व अग्नि के प्रकाश को देखने में असमर्थता महसूस करने लगे तो यह बताता है कि वह व्यक्ति 6 महीने में मर जाएगा। 
 
7. अगर व्यक्ति की जुबान में सूजन आ जाए और उसके दांतों से पस बहने लगे तो यह बताता है कि व्यक्ति 6 महीनें से ज्यादा नहीं जिएगा।
 
8. जब व्यक्ति को सूर्य, चंद्रमा और आसमान सिर्फ लाल नजर आने लगे तो यह बताता है कि व्यक्ति अगले 6 महीनों में मर जाएगा। 
 
शिव के पार्वती को दिए गए वक्तव्य के अलावा पुराण भी मृत्यु के विषय में बहुत कुछ कहते हैं। यह भी सत्य है कि पुरातन काल से मानवों और राक्षसों ने भगवान को खुश करके मृत्यु पर विजय प्राप्त करने की भरकस कोशिश की है, लेकिन वे यह करने में कामयाब नहीं हो पाए...क्योंकि धरती पर जीवन का मृत्यु ही एक मात्र सत्य है।
 
इसके अलावा मनुष्य के हाथ की रेखाएं भी मृत्यु के बारे में बहुत कुछ कहती हैं। अगर मनुष्य के हाथ में दी गई जीन रेखा छोटी है तो यह अल्प आयु की ओर इशारा करती है। भगवान विष्णु कहते हैं कि मृत्यु का संबंध मनुष्य के शरीर से है उसकी आत्मा से नहीं।

ALSO READ: जय शिवशंकर, जय गंगाधर, करुणा-कर करतार हरे, पढ़ें भगवान शिव की श्रेष्ठ स्तुति

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मकर संक्रांति पर बन रहे हैं शुभ योग, 3 राशियों को मिलेगा आशीर्वाद

Magh Maas: माघ माह का महत्व और पौराणिक कथा

न्याय का प्रतीक घंटा: क्यों बजाते हैं घंटी और क्या महत्व है इसका?

Year 2026 predictions: रौद्र संवत्सर में होगा महासंग्राम, अपनी अपनी जगह कर लें सुरक्षित

भविष्य मालिका की भविष्‍यवाणी 2026, 7 दिन और रात का गहरा अंधेरा

सभी देखें

धर्म संसार

06 January Birthday: आपको 6 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 जनवरी 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

2700 वर्षों से भारत में रह रहा यह यहूदी कबीला अब क्यों जा रहा है इजराइल?

Vrat And Festival 2026: वर्ष 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार, जानें सालभर की सूची

Paramahansa Yogananda: परमहंस योगानंद कौन थे?

अगला लेख