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ganga saptami katha: गंगा सप्तमी की पौराणिक कथा

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गंगा मैया का फोटो
story of ganga: गंगा, जो हमारे देश की सबसे पवित्र और जीवनदायिनी नदियों में से एक है, हिमालय की गोद से जन्म लेती है। गंगोत्री, उत्तराखंड में स्थित, गंगा का उद्गम स्थल माना जाता है। हालांकि असल में गंगा का वास्तविक स्रोत गोमुख नामक बर्फीले कुंड से है, जो समुद्र तल से लगभग 3,900 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यही वह जगह है जहां से हिमालय की ऊंचाइयों से बहते जल की धारा गंगा बनकर उतरती है।ALSO READ: Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी का धार्मिक महत्व, परंपरा और दान
 
हिमालय से निकलने के बाद गंगा कई धाराओं में विभाजित होती है, जिनमें मंदाकिनी, भागीरथी, धौलीगंगा और अलकनंदा प्रमुख हैं। भागीरथी गंगा की प्रमुख शाखा है, जो गंगोत्री हिमनद से निकलती है। यहां गंगाजी को समर्पित एक मंदिर भी मौजूद है।
 

गंगा का पृथ्वी पर अवतरण

पुराणों के अनुसार, राजा भगीरथ ने गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने के लिए कठोर तपस्या की। भगीरथ इक्ष्वाकु वंश के थे और उनके पूर्वजों ने भारत में कई नदियों का निर्माण किया था। भगीरथ ने अपने पूर्वजों के कार्य को आगे बढ़ाते हुए गंगा का अवतरण सुनिश्चित किया।
 
भगवान ब्रह्मा ने भगीरथ को चेताया कि गंगा का वेग और भार पृथ्वी संभाल पाएगी या नहीं। इसलिए गंगा को शांति से धरती पर लाने के लिए भगवान शिव का अनुग्रह आवश्यक था। भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने गंगा की धारा को अपनी जटाओं में बांध लिया और बाद में भगीरथ की आराधना के बाद इसे मुक्त किया।
 

गंगा माता की विविध कथाएं

गंगा माता का जन्म कई पुराणों में अलग-अलग तरीकों से बताया गया है। कुछ कथा अनुसार गंगा माता का जन्म ब्रह्मा के कमंडल से हुआ। एक अन्य कथा में गंगा माता को भगवान विष्णु के चरणों से उत्पन्न माना गया, इसलिए उन्हें ‘विष्णुपदी’ भी कहा जाता है।
 
कई स्थानों पर गंगा माता को हिमवान और मीना की पुत्री बताया गया है, यानी देवी पार्वती की बहन। स्कंद पुराण में गंगा माता को कार्तिकेय की सौतेली माता कहा गया है। यही कारण है कि भगवान गणेश की दो माताएं मानी जाती हैं—पार्वती और गंगा।
 
गंगा न केवल पवित्र जल की नदी है, बल्कि धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक महत्व की प्रतीक भी हैं। गोमुख से निकलकर समस्त भारतवर्ष को जीवनदायिनी बना देने वाली यह नदी, हमेशा हमारे दिलों और आस्था में वास करती रहेगी।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Ganga Saptami: गंगा सप्तमी का क्या है महत्व, पूजा विधि और उपाय
 

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