Hanuman Chalisa

हर व्रत कथा के साथ पढ़ी और सुनी जाती है लपसी तपसी की यह कहानी, जानिए क्यों?

Webdunia
एक लपसी था, एक तपसी था। तपसी हमेशा भगवान की तपस्या में लीन रहता था। लपसी रोजाना सवा सेर की लापसी बनाकर भगवान का भोग लगा कर जीम लेता था।
 
एक दिन दोनों लड़ने लगे। 
 
तपसी बोला मैं रोज भगवान की तपस्या करता हूं इसलिए मै बड़ा हूं। 
 
लपसी बोला मैं रोज भगवान को सवा सेर लापसी का भोग लगाता हूं इसलिए मैं बड़ा।   
 
नारद जी वहां से गुजर रहे थे। दोनों को लड़ता देखकर उनसे पूछा कि तुम क्यों लड़ रहे हो?
 
तपसी ने खुद के बड़ा होने का कारण बताया और लपसी ने अपना कारण बताया। 
 
नारद जी बोले तुम्हारा फैसला मैं कर दूंगा। दूसरे दिन लपसी और तपसी नहा कर अपनी रोज की भक्ति करने आए तो नारद जी ने छुप कर सवा करोड़ की एक-एक अंगूठी उन दोनों के आगे रख दी। 
 
तपसी की नजर जब अंगूठी पर पड़ी तो उसने चुपचाप अंगूठी उठा कर अपने नीचे दबा ली। 
 
लपसी की नजर अंगूठी पर पड़ी लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया भगवान को भोग लगाकर लापसी खाने लगा। 
 
नारद जी सामने आए तो दोनों ने पूछा कि कौन बड़ा? तो नारद जी ने तपसी से खड़ा होने को कहा। वो खड़ा हुआ तो उसके नीचे दबी अंगूठी दिखाई पड़ी। 
 
नारद जी ने तपसी से कहा, तपस्या करने के बाद भी तुम्हारी चोरी करने की आदत नहीं गई। इसलिए लपसी बड़ा है। और तुम्हें तुम्हारी तपस्या का कोई फल भी नहीं मिलेगा। तपसी शर्मिंदा होकर माफी मांगने लगा। 
 
उसने नारद जी से पूछा मुझे मेरी तपस्या का फल कैसे मिलेगा ? 
 
नारद जी ने कहा यदि कोई गाय और कुत्ते की रोटी नहीं बनाएगा तो फल तुझे मिलेगा। 
 
यदि कोई ब्राह्मण को भोजन करवा कर दक्षिणा नहीं देगा तो फल तुझे मिलेगा। 
 
यदि कोई साड़ी के साथ ब्लाउज नहीं देगा तो फल तुझे मिलेगा। 
 
यदि कोई दीये से दीया जलाएगा तो फल तुझे मिलेगा।
 
यदि कोई सारी कहानी सुने लेकिन तुम्हारी कहानी नहीं सुने तो फल तुझे मिलेगा। 
 
उसी दिन से हर व्रत कथा कहानी के साथ लपसी तपसी की कहानी भी सुनी और कही जाती है।

ALSO READ: आपने नहीं पढ़ी होगी गणगौर माता की यह अनूठी कहानी, देती है सदा सुहागिन का वरदान

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

ज्योतिषीय भविष्यवाणी: शनि के रेवती नक्षत्र में आते ही बदल सकते हैं देश के हालात

2026 में दुर्लभ संयोग 2 ज्येष्ठ माह, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, भारत में होंगी 3 बड़ी घटनाएं

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

सभी देखें

धर्म संसार

14 May Birthday: आपको 14 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 14 मई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

गुरु प्रदोष व्रत 2026: जानें महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

अपरा एकादशी को क्यों कहते हैं अचला एकादशी, जानिए दोनों का अर्थ और फायदा

अगला लेख