rashifal-2026

क्यों हुआ माता सीता का हरण? श्रीराम को मिला था शाप

पं. हेमन्त रिछारिया
सनातन धर्म की महानता यही है कि यहां स्वयं ईश्वर अपने भक्तों का मान रखने के लिए उनके दिए श्राप को भी शिरोधार्य करते हैं। नारद मुनि ने लक्ष्मी जी स्वयंवर में स्वयं को वानर बनाने से क्षुब्ध होकर भगवान विष्णु को स्त्री वियोग का श्राप दिया था जिसे स्वीकार कर भगवान ने रामावतार में सीता हरण करवाया।

ALSO READ: जब देवी सीता को उठाने पड़े हथियार...
 
लक्ष्मी जी के स्वयंवर में नारद जी ने भगवान विष्णु से कहा कि मुझे हरि की तरह बना दीजिए, भगवान विष्णु विनोद कर बैठे और उनका मुख बंदर का बना दिया। क्योंकि हरि का एक अर्थ वानर भी होता है। स्वयंवर में नारद जी हंसी के पात्र बन गए इससे वे कुपित हो गए और विष्णु जी को स्त्री वियोग का शाप दे दिया। त्रेता युग में जब विष्णु जी ने रामावतार लिया तो इसी शाप को स्वीकार कर माता सीता का हरण करवाया और पत्नी वियोग में परेशान हुए। वहीं कृष्णावतार में गांधारी के दिए श्राप को शिरोधार्य कर अपने यादव वंश का नाश किया।

ALSO READ: रावण की मौत का असली पौराणिक कारण, पढ़ें कथा
 
 
-ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मकर संक्रांति पर बन रहे हैं शुभ योग, 3 राशियों को मिलेगा आशीर्वाद

Magh Maas: माघ माह का महत्व और पौराणिक कथा

न्याय का प्रतीक घंटा: क्यों बजाते हैं घंटी और क्या महत्व है इसका?

Year 2026 predictions: रौद्र संवत्सर में होगा महासंग्राम, अपनी अपनी जगह कर लें सुरक्षित

भविष्य मालिका की भविष्‍यवाणी 2026, 7 दिन और रात का गहरा अंधेरा

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (09 जनवरी, 2026)

09 January Birthday: आपको 9 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 09 जनवरी 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

2026 में इन 4 राशियों का होगा पूरी तरह कायाकल्प, क्या आप तैयार हैं?

Makar Sankranti Kite Flying: मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का पर्व: एक रंगीन उत्सव, जानें इतिहास, महत्व और प्रभाव

अगला लेख