Festival Posters

श्रीराम ने तोड़ा था भगवान शंकर का पिनाक धनुष

Webdunia
भगवान श्रीराम ने माता सीता को धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा कर वरण किया था। वास्तव में वह भगवान भोलेनाथ का धनुष था जिसकी टंकार (धनुष की रस्सी को खींचने के बाद अचानक छोड़ देने वाली आवाज) से ही बादल फट जाते थे और पर्वत हिलने लगते थे। इसी धनुष के एक तीर से त्रिपुरासुर की तीनों नगरियों को भगवान शंकर ने ध्वस्त कर दिया गया था। इस धनुष का नाम पिनाक था।
 
ALSO READ: श्रीराम स्तुति : श्री राम चंद्र कृपालु भजमन
 
शिव पुराण में भगवान शंकर के इस धनुष का विस्तृत उल्लेख मिलता है। जब राजा दक्ष के यज्ञ में यज्ञ का भाग शिव को नहीं देने के कारण भगवान शंकर बहुत क्रोधित हो गए तो उन्होंने सभी देवताओं को अपने धनुष (पिनाक) से नष्ट करने की ठानी। एक टंकार से धरती का वातावरण भयानक हो गया। बड़ी मुश्किल से उनका क्रोध शांत किया गया, तब उन्होंने यह धनुष देवताओं को दे दिया।
 
ALSO READ: जब देवी सीता को उठाने पड़े हथियार...
 
देवताओं ने राजा जनक के पूर्वज देवरात को यह धनुष दिया था। राजा जनक के पूर्वजों में निमि के ज्येष्ठ पुत्र देवरात थे। शिव-धनुष उन्हीं की धरोहरस्वरूप राजा जनक के पास सुरक्षित था। इस धनुष को भगवान शंकर ने स्वयं अपने हाथों से बनाया था। उनके इस विशालकाय धनुष को कोई भी उठाने की क्षमता नहीं रखता था। लेकिन एक दिन उनकी पुत्री सीता ने खेल -खेल में वह धनुष उठाकर रख दिया।

ALSO READ: यह है संक्षेप में श्रीराम के जन्म की पौराणिक कथा
 
राजा जनक को पता चला तो वे विस्मित हो गए कि ऐसा कैसे संभव है जबकि यह धनुष महान प्रतापी बलवान राजा भी नहीं उठा सकते हैं। तभी उन्होंने सुनिश्चित किया कि जो भी राजा इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ा देगा वे अपनी पुत्री का हाथ उसी को सौंपेंगे। भरे दरबार में भगवान राम ने इसे उठाकर इसकी प्रत्यंचा चढ़ाई और इसे एक झटके में तोड़ दिया। और देवी सीता के साथ परिणय किया। 
Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Holi puja remedies 2026: होलिका दहन के दिन करें मात्र 5 उपाय, संपूर्ण वर्ष रहेगा शुभ

कब तक पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी? इस भविष्यवाणी ने उड़ाई सबकी नींद, जानें वो 3 बड़ी बातें

होली पर गुलाल गोटा की परंपरा कहां से आई? मुस्लिम कारीगरों से क्या है इसका रिश्ता

चंद्र ग्रहण के दिन भारत में कहां-कहां दिखेगा ग्रहण? जानिए पूरी लिस्ट

काशी में होली की अनोखी शुरुआत: मसान होली सहित जानिए 5 चौंकाने वाली परंपराएं

सभी देखें

धर्म संसार

साल 2026 का अगला चंद्र ग्रहण कब होगा?

Israel iran war: ब्लड मून के बाद रौद्र संवत्सर, नरसंहार का साल होगा शुरू, 5 घटनाओं को रोकना मुश्किल

04 March Birthday: आपको 04 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 4 मार्च 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

होली कैसे मनाएं: गैर, रंग, भांग, पकौड़े, पूजा सहित जानिए संपूर्ण लिस्ट

अगला लेख