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2 विशिष्ट योग में गणतंत्र दिवस, कितना शुभ,कितना अशुभ

पं. अशोक पँवार 'मयंक'
भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागु हुआ था, तब से गणतंत्र दिवस के रूप में यह दिन हर साल मनाया जाता है। इस दिन भारत के राष्ट्रपति झंडावंदन करते हैं, वहीं वे अपने वक्तव्य में सरकार की नीतियों को भी रखते हैं।
 
इस बार 2 योग महत्वपूर्ण बन रहे हैं- पहला गजकेसरी व दूसरा रुचक योग। भारत के राष्ट्रपति देश के सुरक्षा तंत्र पर कुछ महत्वपूर्ण बात कह सकते हैं। राजनीति के क्षेत्र में भी कुछ चर्चा होने की संभावना है, जो देश के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।
 
राष्ट्र एक शक्तिशाली देश के रूप में उभरकर सामने आएगा। दुश्मन देश भारत की शक्ति से ईर्ष्या करते नजर आएंगे। भारत की राजनीति पहले से ज्यादा सशक्त होती नजर आएगी। शनि की लग्न पर स्वदृष्टि होने से भारत मजबूत होगा। कठोर कानून-व्यवस्‍था बनेगी। शत्रुपक्ष पर प्रहार भी संभव है।
 
भारतीय सेना का इस बार परेड में अलग ही नजारा देखने को मिल सकता है। दशम राज्यभाव में स्वराशि का मंगल देश की राजनीति को मजबूत करने वाला साबित होगा। भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत होने पर जोर दिया जा सकता है। गुरु का तुला में नवम होना धर्म के मामलों में कुछ बदलाव लाएगा। जातिवाद की भी समस्या रहेगी।

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