तुम ने मुस्कुरा कर कहा इस घर और मुझ पर अब तुम्हारा पूर्ण अधिकार है मैं अपना सर्वस्व सदा के लिए तुम्हें सौंप रहा हूं उसी क्षण मैं तुमसे एक प्रगाढ़ बंधन में बंध गई तुम पर अधिकार मेरी आश्वस्ति था तुम केवल मेरे हो ये विश्वास मेरी साधना थी.....