Hanuman Chalisa

प्रेम कविता : प्रेम दीवानी

शम्भू नाथ
दगाबाज तूने दाग लगाया,
मैं दाग छुपाए घूम रही हूं,
गली-गली तुम्हें ढूंढ रही हूं। 


 
सोलह साल मेरी उम्र थी,
थी कोमल कच्ची-कुंआरी।
आंखों का जादू चला के तूने,
बना दिया प्रेम दीवानी।
 
तेरे बिना अब रह नहीं पाती,
तेरे विरह में सूख रही हूं।
गली-गली तुम्हें ढूंढ रही हूं,
गली-गली तुम्हें ढूंढ रही हूं।
 
खुशी के मोती हमें खिला के,
प्रेम-मोह की लगन लगा के।
मन में अपना दीप जला के,
चमन बाग में कली खिला के।
 
सातों जनम का नाता जोड़ के,
तेरे चरणों को चूम रही हूं।
गली-गली तुम्हें ढूंढ रही हूं,
गली-गली तुम्हें ढूंढ रही हूं।
Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

health care tips: खून गाढ़ा होने के प्रमुख लक्षण, रोग, कारण और उपचार

Main Door Vastu: मुख्य दरवाजे पर भूलकर भी न लगाएं ऐसी तस्वीरें, घर में आती है बदहाली

आम का रस और कैरी पना, दोनों साथ में पीने से क्या होता है?

क्या गर्मियों में आइसक्रीम खाना बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा?

गैस सिलेंडर खत्म होने का डर छू मंतर! बिना LPG गैस के भी पक सकता है खाना, ये 7 तरीके हैं सबसे बेस्ट

सभी देखें

नवीनतम

Good Friday: गुड फ्राइडे से जुड़ी 6 खास परंपराएं जानिए

ईरान-US युद्ध और खाद का आसन्न संकट, रूस और चीन के फैसले ने बढ़ाई चिंता

श्री हनुमंत स्तवन: अतुल्य शक्ति

तपती गर्मी से राहत देगा आम का पन्ना, नोट करें विधि

कुंडलिया छंद : हनुमत स्तवन