Hanuman Chalisa

ये चार हैं धन-समृद्धि के देवता...

Webdunia
हिन्दू धर्म शांति, समृद्धि और उत्सव में विश्वास रखता है। प्राचीन काल से ही हिन्दुओं ने शक्ति, समृद्धि और ज्ञान के रास्ते ढूंढें है। ज्ञान के लिए सरस्वती, धन के लिए लक्ष्मी और शक्ति के लिए पार्वती का पूजन किया जाता रहा है। जानते हैं कि घर में सुख, शांति और समृद्धि को देने वाले कौन से देवी और देवता हैं।
 
1.श्रीगणेश : प्रथम पूज्य गणेश के नाम के साथ ही हर शुभ, लाभ व मंगल कार्य का शुभारंभ होता है। गणेशजी के दाएं ओर स्वस्तिक तथा बाएं ओर ऊँ का चिन्ह बनाया जाता है। यह वास्तु अनुसार सुख शांति और समृद्धि देने वाला है। गणेशजी हिन्दू समृद्धि का प्रथम प्रतीक है। 
 
2.लक्ष्मी देवी : विष्णु की पत्नी लक्ष्मी को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इनके पिता का नाम महर्षि भृगु और माता का नाम ख्याति है। देवी लक्ष्मी कमलवन में निवास करती हैं, कमल पर बैठती हैं और हाथ में कमल ही धारण करती हैं। पुराण मानते हैं कि उनका जन्म समुद्र मंथन के दौरान क्षीरसागर से हुआ। ज्ञान के बगैर धन व्यर्थ है। अत: जो व्यक्ति माता लक्ष्मी और गणेशजी के साथ ही सरस्वती की पूजा करता रहता है उसके घर में धन और समृद्धि बरकरार रहती है।
 
3.कुबेर देव : रावण के सौतेले भाई कुबेर को भगवान शंकर ने 'धनपाल' होने का वरदान दिया था। इसीलिए कुबेर को सुख-समृद्धि देने वाला देवता माना जाता है। देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर देव को पूजने से भी पैसों से जुड़ी तमाम समस्याएं दूर रहती हैं।
 
4.भगवान विष्णु : विष्णु जगत के पालनहार हैं। उनके बगैर तो कुछ भी संभवन नहीं। अत: जहां भी भगवान विष्णु की पूजा होती रहती है वहां लक्ष्मी, गणेश, धन्वं‍तरि और कुबेर का स्वत: ही वास हो जाता है।

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

ज्योतिषीय भविष्यवाणी: शनि के रेवती नक्षत्र में आते ही बदल सकते हैं देश के हालात

2026 में दुर्लभ संयोग 2 ज्येष्ठ माह, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, भारत में होंगी 3 बड़ी घटनाएं

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

सभी देखें

धर्म संसार

14 May Birthday: आपको 14 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 14 मई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

गुरु प्रदोष व्रत 2026: जानें महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

अपरा एकादशी को क्यों कहते हैं अचला एकादशी, जानिए दोनों का अर्थ और फायदा

अगला लेख