सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों की तृप्ति के लिए करें ये 7 सरलतम उपाय

पं. हेमन्त रिछारिया
9 अक्टूबर को पितृमोक्ष अमावस्या है। श्राद्ध पक्ष में यह अमावस्या बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। इस दिन सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों के निमित्त श्राद्ध किया जा सकता है, लेकिन कुछ ऐसे सामान्य उपाय भी हैं जिनके करने से आप अपने पितृगणों को संतुष्ट कर सकते हैं। 
 
आइए जानते हैं कि पितृमोक्ष अमावस्या वाले दिन पितरों की तृप्ति के लिए कौन से उपाय किए जाने चाहिए :-  
 
1. पितृमोक्ष अमावस्या वाले दिन प्रात:काल पीपल के पेड़ के नीचे अपने पितरों के निमित्त घर का बना मिष्ठान व पीने योग्य शुद्ध जल की मटकी रखकर धूप-दीप जलाएं।
 
2. पितृमोक्ष अमावस्या वाले दिन 'कुतप-काल' बेला में अपने पितरों के निमित्त गाय को हरी पालक खिलाएं।
 
3. पितृमोक्ष अमावस्या वाले दिन प्रात:काल तर्पण अवश्य करें।
 
4. पितृमोक्ष अमावस्या वाले दिन किसी मंदिर में या ब्राह्मण को 'आमान्य दान' अवश्य करें।
 
5. पितृमोक्ष अमावस्या वाले दिन अपने पितरों के निमित्त चांदी का दान अवश्य करें।
 
6. पितृमोक्ष अमावस्या को सूर्यास्त के पश्चात घर की छत पर दक्षिणाभिमुख होकर अपने पितरों के निमित्त तेल का चौमुखा दीपक रखें।
 
7. पितृमोक्ष अमावस्या के अवसर अपने पितरों के निमित्त जरूरतमंदो को यथायोग्य दान अवश्य दें।
 
-ज्योतिर्विद्  पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
 
ALSO READ: 10 अक्टूबर से नवरात्रि पर्व, घटस्थापना के शुभ मंगलमयी मुहूर्त जानिए

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुड़ी पड़वा से शुरू हो रही है 8 दिन की चैत्र नवरात्रि, हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी, जानिए फल

jhulelal jayanti 2025: भगवान झूलेलाल की कहानी

चैत्र नवरात्रि पर घट स्थापना और कलश स्थापना क्यों करते हैं?

जानिए कब शुरू हो रही है केदारनाथ समेत चार धाम की यात्रा

51 शक्तिपीठों में से एक है कोलकाता का कालीघाट मंदिर, सोने से बनी है मां काली की जीभ

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: कैसा रहेगा 12 राशियों के लिए 24 मार्च का दिन, जानें क्या कहती है ग्रहों की चाल

24 मार्च 2025 : आपका जन्मदिन

24 मार्च 2025, सोमवार के शुभ मुहूर्त

Weekly Rashifal 2025: इस सप्ताह किन राशियों का चमकेगा भाग्य, पढ़ें अपना साप्ताहिक राशिफल

Weekly Panchang 2025 : साप्ताहिक कैलेंडर हिन्दी में, जानें मार्च माह के अंतिम सप्ताह के शुभ मुहूर्त

अगला लेख