Hanuman Chalisa

काम की बातें : श्राद्ध पक्ष में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?

Webdunia
जो पुरुष श्राद्ध का दान देकर अथवा श्राद्ध में भोजन करके स्त्री के साथ समागम करता है वह दोषी होता है...उसके पितृ उस दिन से लेकर एक महीने तक उसी के वीर्य में निवास करते हैं इसलिए भूलकर भी उस दिन स्त्री के साथ समागम नहीं करना चाहिए।
 
 इन दिनों पान नहीं खाना चाहिए। बॉडी मसाज या तेल की मालिश नहीं करना चाहिए। किसी और का खाना नहीं खाना चाहिए।
 
 इन दिनों खाने में चना, मसूर, काला जीरा, काले उड़द, काला नमक, राई, सरसों आदि वर्जित मानी गई है अत: खाने में इनका प्रयोग ना करें ।
 
श्राद्ध के दौरान क्षौर कर्म यानी बाल कटवाना, शेविंग करवाना या नाखून काटना आदि भी नहीं करना चाहिए।
 
श्राद्ध किसी दूसरे के घर में, दूसरे की भूमि में कभी नहीं किया जाता है। जिस भूमि पर किसी का स्वामित्व न हो, सार्वजनिक हो, ऐसी भूमि पर श्राद्ध किया जा सकता है।
 
भैंस, हिरणी, ऊंटनी, भेड़ और एक खुर वाले पशु का दूध भी वर्जित है, पर भैंस का घी वर्जित नहीं है।
<


श्राद्ध करने की सबसे सरल विधि, यह 16 बातें जरूर जानिए... #ShradhPaksha #PitraPaksha pic.twitter.com/rgqaR3XFtq

— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) September 24, 2021 > क्या करना चाहिए? 
श्राद्ध में करने योग्य-  कुशा, श्राद्धस्थली की स्वच्छता, उदारता से भोजन आदि की व्यवस्था और ब्राह्मण की उपस्थिति।
 
श्राद्ध के लिए उचित बातें - सफाई, शांत चित्त, क्रोध न करें और धैर्य से पूजन-पाठ करें। हड़बड़ी व जल्दबाजी नहीं करें।
 
श्राद्ध के लिए उचित द्रव्य हैं - तिल, चावल, जौ, जल, मूल (जड़युक्त सब्जी) और फल।
 
3 चीजें शुद्धिकारक हैं - पुत्री के पुत्र को भोजन, तिल और नेपाली कम्बल।
 
श्राद्ध के दिनों में तांबे के बर्तनों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। 
 
पितरों का श्राद्ध कर्म या पिंडदान आदि कार्य करते समय उन्हें कमल, मालती, जूही, चम्पा के पुष्प अर्पित करें।
 
श्राद्धकाल में पितरों के मंत्र (ऊँ पितृभ्य स्वधायीभ्य स्वधा नम: पितामहेयभ्य: स्वधायीभ्य स्वधा नम: प्रपितामहेयभ्य स्वधायीभ्य स्वधा नम:, अक्षंतपितरोमी पृपंतपितर: पितर: शुनदद्धवम्) का जप करें।

ALSO READ: श्राद्ध पक्ष में ना करें ऐसे काम : जानिए श्राद्ध में क्या पकाएं, क्या न पकाएं

ALSO READ: Pitru Paksha 2021: पितृपक्ष में भूलकर भी न करें ये 20 काम




सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

घर में रात में चमगादढ़ घुसने के हैं 6 कारण, भूलकर भी न करें नजरअंदाज, तुरंत बरतें ये सावधानियां

सभी देखें

धर्म संसार

गंगा दशहरा 2026: माता गंगा की सरल पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

जून 2026 का ज्योतिषीय विश्लेषण: कैसा रहेगा मौसम, राजनीति, राशि और देश-दुनिया का हाल?

ज्येष्ठ मास में 8 बड़े मंगल का अद्भुत संयोग: इस तरह करेंगे हनुमानजी की उपासना तो मिलेंगे अनेक शुभ फल

आल्हा जयंती कैसे और कब मनाई जाती है?

Ganga Dussehra 2026: स्वर्ग से कैसे धरती पर आईं पतित पावनी मां गंगा? भगीरथ के इस कठोर तप की कहानी झकझोर देगी!

अगला लेख