Hanuman Chalisa

पितृपक्ष में तिथि का रखें विशेष ध्यान, किस दिन करें किसका श्राद्ध

Webdunia
श्राद्धकर्म में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, जैसे तिथि का। किसी भी तिथि पर किसी  का श्राद्ध नहीं किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि किस तिथि को होता है किसका श्राद्ध... 
 
त्रयोदशी तिथि : संन्यासियों का श्राद्ध 

चतुर्दशी तिथि- शस्त्र-जल अग्नि-विषादि से मृतकों का श्राद्ध। 
 
चतुर्दशी तिथि में लोक छोड़ने वालों का श्राद्ध (सर्वपितृ श्राद्ध) ध्यान रखा जाता है, जैसे जिन जातकों  की सामान्य मृत्यु चतुर्दशी तिथि को हुई हो, उनका श्राद्ध केवल पितृपक्ष की त्रयोदशी अथवा  अमावस्या को किया जाता है। 
 
जिन जातकों की अकाल-मृत्यु (दुर्घटना, सर्पदंश, हत्या, आत्महत्या आदि) हुई हो, उनका श्राद्ध केवल  चतुर्दशी तिथि को ही किया जाता है। 
 
सुहागिन स्त्रियों का श्राद्ध केवल नवमी को ही किया जाता है। नवमी तिथि माता के श्राद्ध के लिए भी  उत्तम है। 
 
संन्यासी पितृगणों का श्राद्ध केवल द्वादशी को किया जाता है। 
 
पूर्णिमा को मृत्यु प्राप्त जातकों का श्राद्ध केवल भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा अथवा आश्विन कृष्ण अमावस्या  को किया जाता है। नाना-नानी का श्राद्ध केवल आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को किया जाता है। 

ALSO READ: श्राद्ध पक्ष में क्यों वर्जित है शुभ कार्य?

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

वैशाख महीना किन देवताओं की पूजा के लिए है सबसे शुभ? जानें इसका धार्मिक महत्व

ऑपरेशन सिंदूर 2.0: क्या फिर से होने वाला है भारत और पाकिस्तान का युद्ध, क्या कहता है ज्योतिष

महायुद्ध के संकेत! क्या बदलने वाला है कुछ देशों का भूगोल? ज्योतिष की चौंकाने वाली भविष्यवाणी

अक्षय तृतीया पर क्यों होता है अबूझ मुहूर्त? जानिए इसका रहस्य

बैसाखी कब है, क्या है इसका महत्व, जानिए खास 5 बातें

सभी देखें

धर्म संसार

13 April Birthday: आपको 13 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 13 अप्रैल 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (12 अप्रैल, 2026)

वरुथिनी एकादशी 2026: जानें इसका अर्थ, पूजा विधि, शक्तिशाली मंत्र और मिलने वाले चमत्कारी लाभ

12 April Birthday: आपको 12 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

अगला लेख