Hanuman Chalisa

शादी में हो रहा है विलंब तो सावन में करें ये अचूक उपाय, भोलेनाथ के आशीर्वाद से शीघ्र बनेगा विवाह का योग

WD Feature Desk
बुधवार, 9 जुलाई 2025 (15:48 IST)
sawan 2025 puja for marriage: जीवन में विवाह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसकी कामना हर व्यक्ति करता है। लेकिन कई बार ग्रहों की दशा या अन्य कारणों से विवाह में देरी होने लगती है, जिससे मन में निराशा घर कर जाती है। ऐसे में, सनातन धर्म में कुछ ऐसे पवित्र उपाय बताए गए हैं, जो विशेष रूप से सावन के महीने में करने से शीघ्र विवाह के मार्ग खुल जाते हैं। सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है, और इस दौरान की गई पूजा-अर्चना का फल कई गुना अधिक मिलता है। यदि आपके विवाह में भी विलंब हो रहा है, तो सावन में इन 5 उपायों को अवश्य अपनाएं, भोलेनाथ के आशीर्वाद से शीघ्र विवाह के योग बनेंगे।

माता पार्वती की विशेष पूजा और मंत्र जाप: सावन में माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि वे स्वयं भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थीं। विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिदिन मां पार्वती को लाल चूड़ियां, सिंदूर, कुमकुम, बिंदी आदि सुहाग की वस्तुएं श्रद्धापूर्वक अर्पित करें। इसके साथ ही, रोजाना "ॐ ह्रीं गौर्यै नमः" मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। यह मंत्र वैवाहिक सुख और शीघ्र विवाह के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

शिव-पार्वती विवाह कथा का श्रवण: सावन में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की पौराणिक कथा सुनना अथवा उसका पाठ करना बेहद शुभ होता है। यह कथा न केवल मानसिक शांति देती है, बल्कि विवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने में भी मदद करती है। इस कथा में शिव-पार्वती के अटूट प्रेम और एक-दूसरे के प्रति समर्पण का वर्णन है, जो अविवाहितों को एक आदर्श जीवनसाथी प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। कथा श्रवण से मन में सकारात्मकता आती है और विवाह के योग प्रबल होते हैं।

कुंवारी कन्याएं करें कांवड़ सेवा: यदि स्वास्थ्य और परिस्थिति अनुकूल हो, तो कुंवारी लड़कियां सावन में कांवड़ लाकर शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें। यह उपाय उन्हें शिव-पार्वती जैसा जीवनसाथी प्राप्त करने की दिशा में प्रेरित करता है। कांवड़ यात्रा और अभिषेक का यह कार्य अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है और इससे भगवान शिव प्रसन्न होकर मनचाहे वर की प्राप्ति का आशीर्वाद देते हैं। यह एक कठिन तपस्या है, लेकिन इसका फल भी उतना ही मीठा होता है।

रुद्राभिषेक कराएं या स्वयं करें: सावन के पवित्र मास में रुद्राभिषेक कराना अत्यंत शुभ माना गया है। रुद्राभिषेक भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे शक्तिशाली तरीका है। यह उपाय कुंडली में मौजूद विवाह संबंधित दोषों को शांत करता है और शीघ्र विवाह के मार्ग को प्रशस्त करता है। आप किसी योग्य पंडित से रुद्राभिषेक करवा सकते हैं या यदि संभव हो तो स्वयं भी विधि-विधान से इसे संपन्न कर सकते हैं। यह उपाय आपकी सभी मनोकामनाओं को पूरा करने में सहायक है।

गौ सेवा करें: गौ माता में सभी देवी-देवताओं का वास माना जाता है। विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए हर गुरुवार को गौ माता को हरा चारा, रोटी या गुड़ खिलाएं। यह सरल सा उपाय न केवल पुण्य का कार्य है, बल्कि इससे देवी लक्ष्मी की कृपा मिलती है और विवाह से जुड़ी रुकावटें दूर होती हैं। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति ग्रह से संबंधित है, जो विवाह के कारक ग्रह माने जाते हैं। गौ सेवा से इन ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।

ALSO READ: विवाह करने के पहले कर लें ये 10 काम तो सुखी रहेगा वैवाहिक जीवन

सावन का महीना आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है। इन उपायों को सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से निश्चित रूप से आपके विवाह में आ रही सभी बाधाएं दूर होंगी और आपको एक सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
 

अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

बुध की उल्टी चाल शुरू: 29 जून से इन राशियों को मिलेगा लाभ, किन्हें रहना होगा सावधान?

3 दिन बाद बुध का कर्क राशि में प्रवेश, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, खुलेंगे सफलता के नए द्वार

नरेंद्र मोदी के बाद अगला पीएम अमित शाह या योगी आदित्यनाथ, सटीक भविष्यवाणी

सौर आषाढ़ मास 2026: जानिए इसका धार्मिक महत्व और विशेष परंपराएं

मंगल का शुक्र की राशि में प्रवेश, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान, बढ़ सकती हैं ये परेशानियां

सभी देखें

धर्म संसार

July Astrology 2026: 4 बड़े ग्रह गोचर बदलेंगे किस्मत, करियर-प्रेम और धन पर पड़ेगा बड़ा असर

इस्लामिक इतिहास में मोहर्रम और ताजिया क्या संबंध है, जानें कैसे हुई इसकी शुरुआत?

Muharram 2026: मुहर्रम की 10वीं तारीख क्यों है खास? जानिए यौम-ए-आशूरा की पूरी कहानी

बुध का शत्रु राशि में गोचर: 3 राशियों को रहना होगा सतर्क, बढ़ सकती हैं परेशानियां

गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के शुरू होंगे सुनहरे दिन, धन-सफलता के बनेंगे योग

अगला लेख