Hanuman Chalisa

अक्रूर जी कौन हैं, जानिए कथा

अनिरुद्ध जोशी
बुधवार, 13 मई 2020 (11:34 IST)
मथुरा में कंस के अत्याचर बढ़ने के बाद अक्रूरजी ने गुप्त रूप से सभी वृष्णीवंशी, कुकुरवंशी आदि यादव सरदारों को एकत्रित करने के कार्य करते हैं। वे ही वसुदेवजी की पहली पत्नी माता रोहिणी को मथुरा से निकालकर गोकुल में माता यशोदा के यहां छोड़कर आते हैं।
 
 
1. अक्रूरजी भगवान श्रीकृष्ण के काका थे। उन्हें वसुदेवजी का भाई बताया गया है। इनकी माता का नाम गांदिनी तथा पिता का नाम श्वफल्क था। अक्रूर की पत्नी का नाम उग्रसेना था। अक्रूरजी कंस के पिता उग्रसेन के दरबार में एक दरबारी के रूप में कार्य करते थे। जब कंस ने उग्रसेन को बंदी बना लिया तो अक्रूरजी की शक्तियां कमजोर हो गई। लेकिन अक्रूरजी वहां से भागे नहीं और उन्होंने गुप्त रूप से उग्रसेन के समर्थकों को एकजुट बनाए रखा।
 
2. जब नारद मुनि द्वारा कंस को यह पता चला कि कृष्ण देवकी का तथा बलराम रोहिणी का पुत्र है तो उसने अपनी योजना के तहत अक्रूरजी को एक समारोह में आने का निमं‍त्रण देकर दोनों ही बालक को बुलाया। अक्रूरजी श्रीकृष्ण और बलराम को वृंदावन से मथुरा लेकर गए थे जहां दोनों ने मिलकर कंस का वध कर दिया था। दोनों ही अक्रूरजी को अपना गुरु मानते थे। कंस वध के बाद श्रीकृष्ण अक्रूरजी के घर गए।
 
3. मथुरा और वृन्दावन के बीच में ब्रह्मह्रद नामक स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण ने अक्रूरजी को दिव्य दर्शन दिए थे। 
 
4. ब्रह्म एवं श्रीमद्भागवत पुराण अनुसार कंस वध के बाद श्रीकृष्ण ने अक्रूर को हस्तिनापुर भेजा था। अक्रूर ने लौटकर बताया कि किस तरह धृतराष्ट्र के पुत्र पांडवों के प्रति अन्याय कर रहे हैं। अक्रूरजी ने श्रीकृष्ण की बुआ कुंती के बारे में भी बताया। कुंती सबसे अधिक श्रीकृष्ण को याद करती थी।
 
5. कहते हैं कि सत्राजित की स्यमंतक मणि अक्रूरजी के पास ही थी। वे इसे लेकर काशी चले गए थे। अक्रूर जी के चले जाने के कारण द्वारका में अकाल पड़ गया था तो श्रीकृष्ण के कहने पर वे वापस आए थे। कहते हैं कि यह मणि जिसके पास रहती है वहां समृद्धि और खुशियां रहती हैं। श्रीकृष्ण के उपर स्यमंतक मणि चोरी का आरोप था। जब अक्रूरजी वो मणि लेकर आए तब उन्होंने इसे सार्वजनिक करके अपने ऊपर लगे आरोप का खंडन किया था।
 
6. अक्रूर की मृत्यु के उपरांत इनकी पत्नियां वन में तपस्या करने के लिए चली गईं थीं। श्रीकृष्ण के पौत्र वज्र ने उन्हें रोकने का प्रयास किया था। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

क्या भारत में बना था ईसा मसीह के कफन का कपड़ा? DNA रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

April Monthly Horoscope 2026: अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: जानिए कैसे बदलेंगे आपके जीवन के हालात इस महीने

मंगल का मीन राशि में गोचर: जानें 12 राशियों पर क्या होगा असर

मंगल-शनि की युति से बनेगा ज्वालामुखी योग, दुनिया में हो सकती हैं ये 5 बड़ी घटनाएं

यहूदी, ईसाई और मुस्लिम धर्म की भविष्‍वाणी: क्या यही है 'कयामत' की लड़ाई?

सभी देखें

धर्म संसार

Easter: ईसाई धर्म के लोग ईस्टर संडे क्यों मनाते हैं क्या करते हैं इस दिन?

Asha Dooj 2026: आशा दूज या आसों दोज व्रत क्यों रखते हैं, जानें महत्व, पूजा विधि और कथा

Good Friday 2026: गुड फ्राइडे क्यों है खास दिन, क्या करते हैं ईसाई लोग इस दिन?

Good Friday: गुड फ्राइडे से जुड़ी 6 खास परंपराएं जानिए

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (3 अप्रैल, 2026)

अगला लेख