Hanuman Chalisa

Shri krishna : कृष्ण ने अपना आखिरी संवाद माता पार्वती से किया था

Webdunia
ये कृष्ण के जीवन की रहस्यमयी बात है। असल में कृष्ण ने अपना आखिरी संवाद पार्वती से किया था। जब कृष्ण को पैर में वाण लग गया तब सभी देवता और शिव पार्वती उनसे मिलने उनके पास आए थे। सबकी स्तुति के बाद और अपने जाने से पहले कृष्ण ने आखिरी बार बाँसुरी बजाई थी, तब उनकी बाँसुरी से सारा संसार और सारे देवता, यहाँ तक की शिव भी मोहित होकर सो गए थे। लेकिन पार्वती जागती रहीं थीं।
 
पार्वती ने कृष्ण से अपने और उनके(कृष्ण के) अद्वैत का मंडन किया था। जैसे शिव और कृष्ण में एकत्व है वैसे ही पार्वती भी कृष्ण का ही रूप हैं। पुराने समय में पार्वती ने सभी देवताओं के अंश से जन्म लेकर महिसासुर का वध किया था। 
 
दुर्गमासुर का वध करने के कारण उनका नाम दुर्गा पड़ा। उन्होंने ही आदि में दक्ष की कन्या के रूप में जन्म लिया था और फिर हिमवान की पुत्री के रूप में वही प्रकट हुई थीं। उन्होंने हर जन्म में शिव को ही प्राप्त किया था। अपनी कृष्णभक्ति के कारण ही पार्वती शिव की अर्धांगिनी बन सकीं थीं।
 
पार्वती ने कृष्ण से जल्दी ही गोलोक जाने का अनुरोध किया जहाँ राधा बेचैन होकर उनकी प्रतीक्षा कर रही थीं। पार्वती ने अपने और राधा के अद्वैत के बारे में भी बताया।
 
उस समय कृष्ण ने दो रूप धारण किए, चतुर्भुज रूप बैकुंठ में चला गया और  द्विभुज रूप उसी प्रकार गोलोक में चला गया। पार्वती भी शिव के साथ कैलाश चलीं गई।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

शनि-केतु का बड़ा खेल: 25 नवंबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे कर्मफल दाता, बदल जाएगी तकदीर

Surya Gochar 2026: रोहिणी नक्षत्र में आ रहे हैं सूर्य देव, इन 6 राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन

नौतपा के साथ एल नीनो का डबल असर, इस बार पड़ेगी भीषण गर्मी और चलेगी खतरनाक लू

राहु का कुंभ में डेरा: 31 अक्टूबर तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, आएगा बंपर उछाल

सूर्य और बुध की वृषभ राशि में युति, बुधादित्य योग से 6 राशियों को होगा फायदा

सभी देखें

धर्म संसार

Vastu tips for gifting watch: बर्थडे पर बच्चों को घड़ी गिफ्ट देने से क्या होता हैं?

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (27 मई, 2026)

27 May Birthday: आपको 27 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 27 मई 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

bakrid ki kahani: बकरीद की कहानी

अगला लेख