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Guru Nanak Punyatithi : गुरु नानक के अनमोल वचन

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गुरु नानक देव जी का परलोक वास आश्विन कृष्ण दशमी (10), संवत् 1597 को हुआ था। तारीख के अनुसार उनका निधन (22 सितंबर 1539 ईस्वी) में हुआ था। गुरु नानक देव जी सिख धर्म के संस्थापक है। यहां पढ़ें उनके द्वारा बताए गए 10 अनमोल वचन- 
 
10 अनमोल वचन : Guru Nanak Dev Quotes
 
1. गुरु नानक जी के अनुसार ईश्वर की हजारों आंखें हैं और फिर भी एक भी आंख नहीं। ईश्वर के हजारों रूप हैं और फिर भी निराकार हैं।
 
2. गुरु नानक जी कहते हैं आप जो भी बीज बोएंगे, उसका फल आपको देर सबेर जरूर मिलेगा।
 
3. शरीर जब मैला हो जाता है तो हम उसे पानी से साफ कर लेते हैं। उसी तरह जब मन मैला हो जाए तो उसे ईश्वर के जाप तथा प्रेम द्वारा ही निर्मल किया जा सकता है।
 
4. सभी मनुष्य एक ही हैं, न तो कोई हिन्दू और न तो कोई मुसलमान। सभी एक समान हैं।
 
5. नानक जी कहते हैं- केवल वही वाणी बोले, जो आपको सम्मान दिलाए।
 
6. यदि इस जग को जीतना है, तो अपनी कमियों और विकारों पर विजय पाना बहुत जरूरी है।
 
7. ईश्वर की सीमाएं और हदें संपूर्ण मानव जाति की सोच से परे हैं।

 
8. सत्य को जानना हर चीज से बड़ा है और उससे भी बड़ा है सच्चाई के साथ जीना।
 
9. गुरु द्वारा ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है इसलिए गुरु का सम्मान और वंदन करो।
 
10. जो व्यक्ति दूसरों का हक छीनता है, उसे कही भी सम्मान नहीं मिलता। इसलिए कभी किसी का हक नहीं छीनना चाहिए।


Guru Nanak dev


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