25 जून को है गुरु हरगोविंद सिंह जयंती, पढ़ें उनके जीवन का प्रेरक प्रसंग

Webdunia
Guru Har Govind Singh
 
गुरु हरगोविंद सिंह जी को अपने साथी पाइंदे खां पर खुद से ज्यादा भरोसा था। उनके बाकी साथी मौका मिलने पर उन्हें इस बात के लिए चेताते भी थे, लेकिन गुरु जी उनकी एक न सुनते, क्योंकि युद्ध के मैदान में मुगलों के छक्के छुड़ाने में पाइंदे खां की महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी।
 
बार-बार की जीत और गुरु के अत्यधिक भरोसे के कारण पाइंदे खां का सिर घूम गया। वह सार्वजनिक रूप से अपने बारे में बढ़-चढ़कर बातें करने लगा और सारी सफलताओं का श्रेय वह अपने आपको देने लगा। कई बार उसने गुरु के भरोसे को भी तोड़ा, लेकिन उन्होंने हर बार अनदेखी कर दी। एक बार उसकी अक्षम्य गुस्ताखी पर गुरु ने घोषणा की कि पाइंदे खां को दरबार से निकाल दिया जाए।
 
इस पर वह गुरु को चुनौती देते हुए बोला- मैं जहांपनाह से तुम्हारी शिकायत करके तुम्हें सजा दिलाऊंगा। वैसे भी मेरे जाने के बाद तुम्हारी सेना मुगल सेना के सामने टिक नहीं पाएगी।
 
इसके बाद बौखलाया पाइंदे खां सीधे दिल्ली पहुंचा और गुरु के विरुद्ध शाहजहां के कान भर दिए। जल्द ही काले खां के नेतृत्व में मुगल सेना गुरु को सबक सिखाने के लिए पहुंच गई।
 
जलंधर में मुगल व सिख सेना का मुकाबला हुआ। संख्या में कम होने के बाद भी सिखों ने मुगलों के हौसले पस्त कर दिए। इस बीच पाइंदे खां गुरु की ओर लपका और उनसे बोला- अब भी माफी मांग लो वर्ना धूल में मिला दिए जाओगे।
 
गुरु- तू बातें न बना, वार कर।
 
इस पर उसने गुरु पर वार किया, लेकिन चूक जाने के कारण जमीन पर जा गिरा।
 
गुरु उससे बोले- अपनी गलती मान लें। मैं तेरा पुराना रुतबा लौटा दूंगा। लेकिन वह गुरु पर तलवार लेकर दौड़ा। गुरु को न चाहते हुए भी उसका वध करना पड़ा। अत: गुरु हरगोविंद सिंह जी के अतिविश्वसनीय पाइंदे खां को उसका ही अहंकार और लालच ले डूबा।

ALSO READ: सिख धर्म के 5वें गुरु, गुरु अर्जन देव का बलिदान दिवस

ALSO READ: Guru Angad Dev : सिखों के दूसरे गुरु, गुरु अंगद देव की जयंती

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

हिन्दू नववर्ष को किस राज्य में क्या कहते हैं, जानिए इसे मनाने के भिन्न भिन्न तरीके

कब मनेगी ईद 31 मार्च या 1 अप्रैल, जानिए सही तारीख

नवरात्रि की प्रथम देवी मां शैलपुत्री की कथा

चैत्र नवरात्रि 2025 पर अपनों को शेयर करें ये विशेस और कोट्स, मां दुर्गा के आशीर्वाद से जीवन होगा मंगलमय

गुड़ी पड़वा विशेष: गुड़ी पर क्यों चढ़ाते हैं गाठी/पतासे का हार, जानिए इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

सभी देखें

धर्म संसार

57 वर्षों के बाद 29 मार्च को 10 दुर्लभ योग, 5 राशियों के लोग रहें सावधान

इस्लाम में अलविदा जुमे की अहमियत

Aaj Ka Rashifal: 12 राशियों का दैनिक राशिफल, जानें कैसा बीतेगा 28 मार्च का दिन

28 मार्च 2025 : आपका जन्मदिन

28 मार्च 2025, शुक्रवार के शुभ मुहूर्त

अगला लेख