सिंहस्थ में एक यज्ञ देश के शहीदों के नाम....

स्मृति आदित्य
यूं तो देश की आन बान शान पर कुर्बान हो जाने वाले हर शहीद को जन्नत से भी खूबसूरत कोई स्थान मिलता होगा लेकिन फिर भी वे असमय इस धरा से चले जाते हैं इसलिए उनकी आत्मा के लिए कोई तो जतन होने ही चाहिए। हो सकता है जिस देश के लिए वे मर मिटे ऊपर से उसी देश के हालात देखकर उन की आत्मा को कष्ट पहुंचता होगा बहरहाल हम मुद्दे पर आए कि सिंहस्थ 2016 में एक यज्ञ उन सब शहीदों के नाम संपन्न होने जा रहा है जिन्होंने देश  की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। यह अनूठा यज्ञ करवा रहे हैं परम पूज्य संत श्री बाल योगेश्वर दास जी महाराज।





यज्ञ स्थल पर मन में राष्ट्र के प्रति आस्था का भाव स्वत: ही जाग्रत होता है जब शीर्ष पर धर्मध्वजा की जगह तिरंगा लहराता दिखाई देता है। यज्ञ मंडप के चारों तरफ कहीं 26/11 के शहीदों के पोस्टर्स लगे हैं तो कहीं सीमा पर शहीद हुए रणबांकुरों के मुस्कुराते चेहरे सजे हैं। 



अभी यज्ञ मंडप सज रहा है। आने वाले लोग इस अनूठे और आकर्षक मंडप पर श्रद्धा से स्वयं ही नत हो जाते हैं। शर्मा परिवार के मुखिया अपने बच्चों को समझाते दिखे कि बेटा सारे भगवान अपनी जगह पुजनीय हैं लेकिन हम उन्हें देख नहीं सकते पर पृथ्वी पर साक्षात भगवान यह सैनिक हैं जो हमारी रक्षा के लिए अपनी खुशियां, अपने प्राणों की आहुति दे देते हैं। 



परम पूज्य संत श्री बाल योगेश्वर दास

 
यज्ञ मंडप की सजधज से कहीं अधिक खूबसूरत हैं वह खिलती मुस्कान जो चारों तरफ बिखरी हुई है इन शहीदों के पोस्टर्स में..... नमन संतों की यशस्वी परंपरा को आगे बढ़ाने वाले उस संत को जिसने देश के इन रत्नों को याद रखा और उनकी आत्मा की परम शांति के लिए सिहंस्थ की पवित्र तिथियां चयन की। 
 
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