Hanuman Chalisa

सिंहस्थ महापर्व को लेकर आकाशवाणी इन्दौर की विशेष तैयारियां

Webdunia
इंदौर। 22 अप्रैल से 21 मई 2016 तक उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर आकाशवाणी इन्दौर तीनों शाही स्नानों (22 अप्रैल, 9 मई और 21 मई) पर सजीव आँखों देखा हाल प्रसारित करेगा। 
 
आँखों देखा हाल प्रसारित करने के लिए रामघाट, दत्त का अखाड़ा और क्षिप्रा नदी के छोटे पुल पर प्रसारण की विशेष व्यवस्था की जाएगी । इसके अलावा अखाड़ा के पथ संचलन मार्ग पर आँखों देखा हाल को और रोचक बनाने के लिए 20 से अधिक आकाशवाणी के प्रतिनिधि तैनात किए जायेंगे । 
 
आकाशवाणी इन्दौर, जुलाई-अगस्त 2014 से लेकर अब तक सिंहस्थ को लेकर कई तरह के फॉर्मेट में कार्यक्रमों का प्रसारण कर रहा है। इस समय ये कार्यक्रम आकाशवाणी इन्दौर मीडियम वेव पर शाम 06.35 बजे से 07.05 बजे तक सुने जा सकते है ।  
 
इन कार्यक्रमों में उज्जैयिनी का पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व, सिंहस्थ स्नान परंपरा, अखाड़ों की परंपरा, ज्योर्तिलिंग की गाथा, विक्रमादित्य के नवरत्न, कालिदास का साहित्य सृजन, क्षिप्रा तट के पुरास्थल प्रमुख हैं। इसके अलावा सिंहस्थ आयोजन को लेकर प्रशासन की तैयारियों के बारे में भी कार्यक्रम लगातार प्रसारित किए जा रहे है।  
 
सिंहस्थ के दौरान स्थानीय स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रसारित किए जाएंगे। इसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।  
 
सिंहस्थ के महत्व को देखते हुए 3 और 4 फरवरी को उज्जैन में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी केन्द्रों के कार्यक्रम प्रमुखों की समन्वय समिति की बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें सिंहस्थ के दौरान होने वाले विशेष प्रसारणों की चर्चा की जाएगी।
Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

धार की भोजशाला: जहाँ पत्थरों पर खुदी है 'संस्कृत' और दीवारों में कैद है परमारों का वैभव

नर्मदा परिक्रमा का क्या है महत्व, कितने दिन चलना पड़ता है पैदल

Video: यमुना नदी में कालिया नाग का अवतार? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का जानिए पूरा सच

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

सभी देखें

धर्म संसार

Narmada Jayanti 2026: 25 जनवरी को मनेगा मां नर्मदा का प्राकट्योत्सव, जानें कलियुग में कैसे करें मां नर्मदा की भक्ति

भगवान देवनारायण की रहस्यमयी कथा: कौन थे और क्यों माने जाते हैं अवतार?

Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल: 26 जनवरी से 1 फरवरी, 2026, नए अवसरों और सफलता का समय

नर्मदा जयंती 2026: कब है, क्यों मनाई जाती है और क्या है इसका धार्मिक महत्व?

नर्मदा परिक्रमा का क्या है महत्व, कितने दिन चलना पड़ता है पैदल