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सिंहस्थ कुंभ 2016 : बड़ी संख्या में साधुओं ने किया 'शाही स्नान'

Webdunia
शनिवार, 23 अप्रैल 2016 (00:52 IST)
उज्जैन (मध्यप्रदेश)। बड़ी संख्या में साधुओं ने ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाते हुए अपने शिष्यों के साथ शुक्रवार से यहां शुरू हुए धर्म, आस्था और श्रद्धा के महापर्व सिंहस्थ कुंभ मेले के पहले दिन रामघाट पर क्षिप्रा नदी में 'शाही स्नान' किया।

अवधेशानंदजी महाराज  और पंडित जसराज
देश और विश्व के विभिन्न हिस्सों से आएलोग हिंदुओं के सबसे बड़े समागम सिंहस्थ कुंभ में हिस्सा ले रहे हैं। पहली बार किन्नरों ने भी मेला क्षेत्र में अपना ‘अखाड़ा’ स्थापित किया है और 9 मई को क्षिप्रा नदी के गंधर्व घाट पर शाही स्नान करने की घोषणा की है। सिंहस्थ कुंभ महीने भर चलेगा।
 
इससे पहले कुंभ मेला की शुरुआत जूना अखाड़े के नागा साधुओं के सुबह पांच बजे नदी में उतरने के साथ हुई। अखाड़े के प्रमुख अवधेशानंदजी महाराज एक बड़े जुलूस में आएऔर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शाही स्नान किया।

उज्जैन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) मधु कुमार ने कहा, ‘वर्तमान में सभी चीजें सुचारू रूप से चल रही हैं। शाही स्नान के लिए केंद्रीय बलों सहित 25,000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है।’ 
 
विवादित संत नित्यानंद भी शाही स्नान में शामिल : विवादित संत नित्यानंद ने भी सिंहस्थ के दौरान अपने सैकड़ो देशी विदेशी भक्तों के साथ शिप्रा में अमृत स्नान किया। नित्यानंद का लवाजमा बाकी संतो की तुलना में काफी बड़ा था।
गोल्डन बाबा किया स्नान : गिरफ्तारी की तमाम अटकलों को ख़ारिज करते हुए दिल्ली के हिस्ट्रीशीटर बताए गए बिट्टू भगत उर्फ गोल्डन बाबा ने भी अपने अनुयायियों के साथ अखाड़े के साधू संतो के बीच शाही स्नान किया। बाबा को लेकर पिछले दिनों मिडिया में खबरें छायी रही थी कि उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
 
विदेशी लोगों ने भी डुबकी लगाई : सिंहस्थ में बड़ी संख्या में विदेशी भी आए हुए हैं और उन्होंने शाही स्नान में डुबकियां लगाई। एक फ्रांसीसी जॉर्ज सौक ने कहा, ‘मैं लोगों के इस कमाल के समागम का हिस्सा बनकर अभिभूत हूं। मैं यहां कल आया था।’ उन्होंने कहा कि वह पेरिस से 12 व्यक्तियों के समूह के साथ आए थे। रामघाट पर विभिन्न पहनावे वाले साधुओं की तस्वीरें लेने में लगे जॉर्ज ने कहा, ‘हमने इसके बारे में पता चलने पर यहां इस बड़े समागम को देखने का फैसला किया।’
 
त्रिवेणी देवी (76) क्षिप्रा में डुबकी लगाने के लिए हैदराबाद से अपने पति दुर्गा प्रसाद (82) के साथ आयी हैं। वह अपने पैरों पर चल नहीं सकती, इसलिए व्हीलयेयर पर आई हैं। क्षिप्रा नदी में नर्मदा का पानी डाला गया है ताकि इस मौके पर लोग उसमें स्नान कर सकें।
 
त्रिवेणी ने कहा कि शाही स्नान करके वह बहुत खुश हैं। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने सिंहस्थ कुंभ के पहले दिन गौघाट पर स्नान किया। सुबह करीब सवा आठ बजे रामघाट के प्रवेश स्थल छोटी पुल क्षेत्र में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई जब बड़ी संख्या में साधु शाही स्नान के लिए बढ़े। यद्यपि अधिकारियों ने स्थिति तुरंत ही नियंत्रित कर ली।
 
बड़े उदासीन अखाड़े के महंत रघु मुनी महाराज अन्य के साथ मेला क्षेत्र में वाहनों के आवागमन के खिलाफ कुछ समय के लिए रामघाट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि वाहनों की आवाजाही से संतों को घाट की ओर जाने में बाधा उत्पन्न हो रही है। यद्यपि सरकारी अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया।
 
क्षिप्रा नदी के घाटों की ओर जाने वाली सड़कों पर लाखों लोग एकत्रित थे और मेले में शाही स्नान करने के लिए पंक्तियों में खड़े थे। सिंहस्थ कुंभ का आयोजन 12 वर्ष के बाद हो रहा है। उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर का मंदिर है जो देश के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक है।
 
मेले की पूर्व संध्या पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल भोपाल में कहा, ‘मेले के दौरान उज्जैन और अन्य पवित्र स्थलों पर पांच करोड़ से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इसके लिए सुरक्षा से लेकर हर तरह के इंतजाम किए गए हैं।’
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