शिक्षक दिवस कविता : तकदीर जगा दी...

शम्भू नाथ
गुरुवर ने पहिचान बना दी, 
मेरी तो तकदीर जगा दी। 
 
विवेक हमारा जाग चुका है, 
हमने भी छलांग लगा दी। 
 
हर परीक्षा पास हूं करता, 
तब चूमे कदम सफलता।
 
श्रम से कभी नहीं मैं थकता,
मुझे छूती नहीं विफलता। 
 
सब मंत्रों को अभिमंत्रित करके, 
गुरुजी ज्ञान की ज्योति जला दी। 
 
विवेक हमारा जाग चुका है, 
हमने भी छलांग लगा दी। 
 
संस्कार को नीयत बताया, 
सच्चाई पर चलना सिखाया। 
 
आलस्य दूर नहीं फटकता, 
जीवन की हर बात समझा दी। 
 
विवेक हमारा जाग चुका है, 
हमने भी छलांग लगा दी।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

रोम-रोम में राम बसे, भक्ति में डूबे इन शुभकामना संदेशों को भेज कर मनाएं राम जन्मोत्सव

अपने भीतर के राम को पहचानिए! गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर

इन लोगों के लिए वरदान है कुट्टू का आटा, ग्लूटेन-फ्री होने के साथ और भी हैं कई फायदे

क्या गर्मियों में गुड़ खाने से सेहत को होता है नुकसान, डाइट में शामिल करने से पहले जान लें

गर्मियों में अमृत के समान है गोंद कतीरा का सेवन, जानिए क्या हैं फायदे

सभी देखें

नवीनतम

गर्मी में वैक्सिंग के बाद निकल आते हैं दाने, राहत दिलाएंगे ये नुस्खे

क्या पीरियड्स के दौरान कच्चे आम खाने से होता है नुकसान, जानिए सच्चाई

गैरजरूरी को तोड़ना और जरूरी को बचा लेने का प्रयास बताती है किताब विहान की आहट

वर्ल्ड हेल्थ डे 2025: अपनों को भेजें सेहत से जुड़े ये खास कोट्स, स्लोगन और शुभकामना संदेश

7 अप्रैल वर्ल्ड हेल्थ डे: जानें इतिहास, 2025 की थीम और स्वस्थ रहने की 10 खास बातें

अगला लेख