Publish Date: Thu, 30 Oct 2025 (12:33 IST)
Updated Date: Thu, 30 Oct 2025 (12:37 IST)
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) वोल्कर टर्क ने ग़ाज़ा में बीती रात इसराइली सेना के सिलसिलेवार हवाई हमलों में कम से कम 100 फ़िलिस्तीनियों के मारे जाने की ख़बरों पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इन हमलों में मुख्यत: रिहायशी इमारतों, विस्थापितों के लिए बनाए गए अस्थाई आश्रय स्थलों और स्कूलों को निशाना बनाया गया। मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने कहा कि इनमें कम से कम 100 लोगों के मारे जाने और अनेक अन्य के घायल होने की जानकारी है और यह व्यथित कर देने वाली घटना है।
समाचार माध्यमों के अनुसार, इसराइल ने हमास द्वारा किए गए एक हमले में एक इसराइली सैनिक के मारे जाने के बाद सिलसिलेवार ढंग से ग़ाज़ा में हमले किए। इसराइली हमलों का अधिकतर निशाना रिहायशी इमारतें, विस्थापितों के लिए बनाए गए शिविर और स्कूल थे।
मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने कहा कि इनमें कम से कम 100 लोगों के मारे जाने और अनेक अन्य के घायल होने की जानकारी है और यह व्यथित कर देने वाली घटना है। OHCHR प्रमुख टर्क ने बुधवार को जारी अपने वक्तव्य में ध्यान दिलाया कि पिछले दो वर्षों में ग़ाज़ा में आम फ़िलिस्तीनियों ने ऐसी पीड़ा और कष्टों को झेला है, जिन्हें बयां नहीं किया जा सकता है।
ये मौतें एक ऐसे समय में हुई हैं, जब ग़ाज़ा में लंबे समय से पीड़ित आबादी को यह महसूस होने लगा था कि अनवरत हिंसा की इस बौछार का अब अंत हो सकता है। उच्चायुक्त टर्क ने आगाह किया कि यह शान्ति और एक अधिक न्यायोचित व सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ने का एक ऐसा अवसर है, जिसे अपनी पकड़ से नहीं छूटने देना होगा।
संघर्ष विराम जारी रखना होगा
क़तर, तुर्कीए और मिस्र की मध्यस्थता के परिणामस्वरूप, इसराइल और हमास के बीच ग़ाज़ा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20 सूत्री योजना पर सहमति बनी थी। इसके बाद 11 अक्टूबर से लड़ाई पर विराम रहा है। इस बीच, ज़रूरतमंद आबादी तक विशाल स्तर पर मानवीय सहायता पहुंचाने की कोशिशें की जा रही हैं।
उच्चायुक्त टर्क ने सभी युद्धरत पक्षों से उचित भावना के साथ संघर्ष विराम को लागू करने की अपील दोहराई, विशेष रूप से प्रभुत्व रखने वाले पक्षों से, ताकि इसके अनुपालन के लिए यथासंभव प्रयास किए जा सकें। युद्ध के नियम, आम लोगों और नागरिक प्रतिष्ठानों की रक्षा करने की सर्वोच्च अहमियत के प्रति बहुत स्पष्ट हैं।
उच्चायुक्त टर्क के अनुसार, इसराइल को अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून के तहत अपने तयशुदा दायित्वों का पूर्ण रूप से पालन करना होगा और किसी भी प्रकार के उल्लंघन मामलों की जवाबदेही तय करनी होगी।