Publish Date: Fri, 01 Feb 2019 (17:50 IST)
Updated Date: Fri, 01 Feb 2019 (18:04 IST)
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आम चुनाव से पहले पेश अपने आखिरी बजट में खेल और युवा कार्य मंत्रालय के लिए बजटीय आवंटन में चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान की तुलना में करीब 200 करोड़ रुपए (10 प्रतिशत से कुछ अधिक) की बढ़ोतरी की है जिसमें खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और पुरस्कार की राशि और भारतीय खेल प्राधिकरण के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में शुक्रवार को 2019- 20 का अंतरिम बजट पेश करते हुए खेल और युवा कार्यों के मंत्रालय के लिए 2181-90 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। 2018-19 के लिए संशोधित अनुमान में यह राशि 1981.03 करोड़ रुपए है।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और पुरस्कार की राशि पिछले बजट के संशोधित अनुमान में 316.93 करोड़ और 2017-18 में 299.27 करोड़ रुपए थी, जो बढ़ाकर 411 करोड़ रुपए कर दी गई है। इसमें खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि 63 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 89 करोड़ रुपए और राष्ट्रीय खेल विकास कोष को आवंटन 2 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 68 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
भारतीय खेल प्राधिकरण को पिछले साल संशोधित बजट में 395 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे जिसमें 55 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। साई को 2019-20 के बजट में 450 करोड़ रुपए आवंटित हुए हैं। साई को 2017-18 के बजट में 495.73 करोड़ रुपए दिए गए थे, जो 2018-19 के बजट में 429.56 करोड़ रुपए और संशोधित बजट में 395 करोड़ रुपए कर दिए गए हैं।
राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली सहायता राशि कमोबेश जस की तस है। पिछले बजट में एनएसएफ को 245.13 करोड़ रुपए दिए गए थे जिन्हें अब 245 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। खेलमंत्री और ओलंपिक पदक विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की पहल पर शुरू किए गए 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम के लिए बजट 550.69 करोड़ रुपए (संशोधित अनुमान) से बढ़ाकर 601.00 करोड़ रुपए कर दिया गया है।