Hanuman Chalisa

UP में 8 साल से 73 लैपटॉप की निगरानी कर रहे हैं 2 कांस्टेबल, दिया जा चुका है 54 लाख रुपए वेतन

हिमा अग्रवाल
सोमवार, 21 अप्रैल 2025 (20:44 IST)
Bareilly Uttar Pradesh News : एक कहावत है कि 'अंधा पीसे कुत्ता खाए', यह बरेली के राजकीय इंटर कॉलेज पर सटीक बैठती है, क्योंकि यहां सिस्टम की सुस्ती और संसाधनों की बर्बादी का एक मामला सामने आया है। छात्राओं को देने के लिए लैपटॉप आए, जो एक कमरे में बंद हैं और उनकी देखरेख में 2 कांस्टेबल ड्यूटी दे रहे हैं। 2 कांस्टेबल की ड्यूटी कुछ महीनों से नहीं बल्कि कई वर्षों से लग रही है। जिस समय यह लैपटॉप आए थे उनकी कीमत थी 14 लाख 60 हजार रुपए मात्र और अब तक लैपटॉप की सुरक्षा में 53 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, सुनकर आप चौंक गए ना। आइए, अब कहानी विस्तार से बताते हैं।

समाजवादी पार्टी की सरकार ने मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने की योजना शुरू की थी, उसी योजना के तहत नोडल सेंटर के लिए राजकीय विद्यालय बरेली को चुना गया था। वर्ष 2016 में सपा सरकार के कार्यकाल में लैपटॉप वितरण का काम चल रहा था, लेकिन जनवरी 2017 में आचार संहिता लग गई और लैपटॉप वितरण का कार्य रोक दिया गया। राजकीय विद्यालय के कमरा नंबर 16 के अंदर 73 लैपटॉप रखकर सील कर दिए गए। पिछले आठ वर्षों से यह कमरा बंद है और उनकी निगरानी के लिए दो कांस्टेबल तैनात हैं।
ALSO READ: रायबरेली में राहुल गांधी के खिलाफ पोस्टर, जानिए क्या है मामला?
73 लैपटॉप की निगरानी कुछ समय तक स्थाई कांस्टेबल द्वारा हो रही थी, लेकिन अब जो नए कांस्टेबल भर्ती हो रहे हैं, उन्हें ड्यूटी पर लगाया जा रहा है। एक कांस्टेबल की सैलरी प्रतिमाह 28000 रुपए के करीब है, इस तरह दो कांस्टेबल की हर माह तनख्वाह 56000 रुपए बैठती है, जो विगत 8 सालों में 54 लाख के आसपास है। जबकि लैपटॉप की कुल कीमत 14 लाख 60 हजार रुपए थी।

इस प्रकरण पर जिला विद्यालय निरीक्षक अजित कुमार का कहना है कि यह लैपटॉप वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 के हैं। उस दौरान के मेधावी छात्राओं को लगभग 2127 लैपटॉप मिले थे। अधिकांश लैपटॉप छात्रों को वितरित कर दिए गए थे। जिला विद्यालय निरीक्षक बरेली के रूप में जनवरी 2025 में पदभार ग्रहण किया है। मेरे संज्ञान में जब यह मामला आया तो स्टाफ से जानकारी ली।
ALSO READ: UP : मुख्तार अंसारी की पत्नी के खिलाफ गैर जमानती वारंट, कई बार समन के बावजूद नहीं हो रही पेश
पता चला कि शेष बचे हुए लगभग 73 लैपटॉप वर्तमान में जीआईसी (राजकीय इंटर कॉलेज) में रखे हुए हैं। इस संबंध में कार्यालय द्वारा विभाग और शासन को लिखित पत्राचार किया गया है। शासन से निर्देश के मुताबिक लैपटॉप पर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित होगी। वहीं जब यह लैपटॉप आए थे उनकी संख्या ज्यादा थी और सुरक्षा के लिए कांस्टेबल लगे, अब हमें जैसे निर्देश शासन देगा उसी के अनुरूप कार्य करेंगे।

बरेली में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जैसे ही लैपटॉप की जानकारी मिली तो वह आक्रोशित हो गए। सपा नेता का कहना है कि अखिलेश यादव ने गरीब बच्चों के हाथों में लैपटॉप पहुंचाया है। उन्होंने गरीब छात्रों का सपना पूरा किया, लेकिन बरेली के राजकीय विद्यालय के एक कमरे में 73 लैपटॉप बंद किए हुए है जो सपा सरकार की योजना के हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन देकर लैपटॉप वितरण की बात कही है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Gold : इतना सस्ता हुआ सोना, क्या आगे और गिरेंगी कीमतें

ट्रंप का Abraham Accord आखिर क्या है? पाकिस्तान में क्यों मचा सियासी तूफान

HMD Vibe 2 5G : AI फीचर्स और 6000mAh बैटरी से मचाएगा धमाल मचाएगा सस्ता स्मार्टफोन

अवैध घुसपैठ पर कैसे काम करेगा हाईपावर्ड डेमोग्राफी मिशन, गृह मंत्री शाह के सीमाओं के 15 KM दायरे में जीरो टॉलरेंस के निर्देश

ट्रंप के जाल में फंसे मुनीर, लश्कर की खुली चेतावनी, पाकिस्तान में भड़क सकता है गृहयुद्ध

सभी देखें

नवीनतम

गुजरात सरकार की किसानों को बड़ी सौगात: अब 300 रुपए प्रति मीटर तार फेंसिंग सहायता

गुजरात सचिवालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 36 सेक्शन अधिकारियों के तबादले, 81 DySO को प्रमोशन

LIVE: भाजपा ने 4 राज्यों को दिए नए अध्यक्ष, हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली की कमान

कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर: CM सिद्धारमैया आज दोपहर 3 बजे देंगे इस्तीफा, DK शिवकुमार के पैर छूने वाली तस्वीर वायरल!

योगी सरकार का डिजिटल विजन तेज रफ्तार पर, प्रोजेक्ट गंगा जल्द होगा 'लाइव'

अगला लेख