पंचायत चुनाव भाजपा के लिए खतरे की घंटी, अयोध्या में मिली करारी शिकस्त

संदीप श्रीवास्तव
मंगलवार, 4 मई 2021 (21:57 IST)
अयोध्या वह स्थान है जिस पर पूरी दुनिया कि नजर लगी रहती है। वो चाहे श्रीराम जन्मभूमि निर्माण आंदोलन का मामला हो या सुप्रीम कोर्ट से श्रीराम जन्मभूमि निर्माण के पक्ष में आए ऐतिहासिक फैसले का, या फिर मंदिर निर्माण हेतु भूमिपूजन का, अयोध्या हमेशा सुर्खियों में रहता है। ताजा मामला पंचायत चुनाव का, इसमें भाजपा को अयोध्या क्षेत्र में बुरी तरह शिकस्त मिली है। यह परिणाम विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए खतरे की घंटी हैं। 
 
अयोध्या में जिला पंचायत की 40 सीटें हैं। इनमें से समाजवादी पार्टी ने 22 स्थानों पर कब्जा जमाया है, वहीं भाजपा मात्र 8 स्थानों पर ही जीत हासिल कर पाई। निर्दलीय 6 व बसपा को 4 स्थानों पर जीत हासिल हुई। आखिर इस चुनाव में भाजपा की ऐसी स्थिति क्यों हुई?
 
वेबदुनिया ने जमीनी हकीकत जानने के लिए जिले के बुद्धजीवियों, समाजसेवियों, व्यापारियों व युवाओं और ग्रामीणों से बात की तो पता चला कि लोगों की मूलभूत समस्याओं के साथ ही पार्टी द्वारा की गई घोषणाएं उसके गले की फांस बन गईं। 
 
ग्रामीणों के जनधन खातों पर सुविधा न मिलना, ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण के दौरान हुए घोटालों की पुख्ता जांच न होना, जिले में रोजगार के पुख्ता संसाधनों की कमी, किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम न मिलना, सड़क चौड़ीकरण के तहत लोगों को जमीन के मुआवजे का भुगतान न होना, कोरोना संकट के चलते उत्पन्न समस्याएं प्रमुख रूप से भाजपा की हार का करण बनीं। 
 
लोगों का मानना है कि समय रहते यदि भाजपा ने इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया तो आगामी विधानसभा चुनाव में भी मुश्किलें हो सकती हैं। वैसे भी पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल कहा जाता है। उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 58,189 ग्राम पंचायतों, 7,32,563 ग्राम पंचायत सदस्य व 75,855 क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रदेश के 75 जिलों के 3051 जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव हेतु चार चरणों मे मतदान सम्पन्न हुआ था।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

सर्वे में बड़ा खुलासा, 82 फीसदी दिव्यांगों का बीमा नहीं, 42% आयुष्मान योजना से अनभिज्ञ

नीतीश कुमार ने किया वादा, भाजपा से फिर कभी नहीं तोड़ेंगे नाता

म्यांमार में मुश्किलें कम नहीं, भूकंप की त्रासदी से उबरने का संघर्ष, विद्रोहियों से भी जंग

संघ मुख्यालय पहुंचने वाले दूसरे पीएम बने मोदी, क्यों खास है यह दौरा?

म्यांमार की मदद के लिए भारत ने चलाया 'ऑपरेशन ब्रह्मा', जानिए क्या-क्या भेजा

सभी देखें

नवीनतम

तिब्बत को लेकर पंडित नेहरू की गलतियां और 1962 में चीन का भारत पर हमला

उत्तर प्रदेश में घर में घुसकर मां और बेटी की हत्या

LIVE: देश के कई इलाकों में दिखा चांद, आज मनाई जाएगी ईद

Eid ul Fitr 2025 : चांद का हुआ दीदार, देशभर में आज मनाई जाएगी ईद

उज्जैन में विक्रमादित्य के नाम से स्थापित हो न्याय से जुड़ी राष्ट्रीय संस्था : मोहन यादव

अगला लेख