Hanuman Chalisa

अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, 46 में 56 के दावे पर उठाए सवाल

अवनीश कुमार
शुक्रवार, 6 सितम्बर 2024 (11:26 IST)
लखनऊ। समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की योगी सरकार पर सवाल खड़े करते हुए सोशल मीडिया पर X ट्वीट करते हुए हमला बोला है।
 
अखिलेश यादव ने कहा है कि '46 में 56' का हास्यास्पद और अपुष्ट दावा करने वाले भाजपा नेता, ऊपर से लेकर नीचे तक सभी प्रमुख पदों पर '100 में 100' अपने ही लोग बैठाए हुए हैं। उन्होंने सवाल किया है कि क्या भाजपा के नेता अपने से इतर 'औरों' को इन पदों के लिए योग्य नहीं समझते हैं या फिर सिर पर लटकी हुई दिल्ली की तलवार की वजह से किसी को विश्वास योग्य नहीं समझते हैं।
 
 
इससे पहले, भाजपा ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया था कि वह जातिवाद और परिवारवाद की राजनीति करती है। भाजपा ने कहा था कि समाजवादी पार्टी के नेता अपने परिवार के लोगों को ही महत्वपूर्ण पदों पर बैठाते हैं। इसके बाद से दोनों ही दल एक दूसरे पर राजनीतिक हमले कर रहे हैं।
Edited by : Nrapendra gupta 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

CBSE की नई भाषा नीति लागू, जानिए किन छात्रों पर नहीं होंगे नए नियम और किसे पढ़नी होगी अतिरिक्त भारतीय भाषा

China की भारत के साथ चालाकी, बांग्लादेश के तीस्ता प्रोजेक्ट पर बयान, आखिर क्यों बढ़ी भारत की चिंता

Bajaj Chetak, Ola S1 Pro, TVS iQube, Hero Vida V2 को टक्कर देने आ रहा है सस्ता विएतनामी इलेक्ट्रिक स्कूटर

अकाल तख्त का भगवंत मान सरकार को बड़ा अल्टीमेटम, 1 महीने में बेअदबी कानून बदलने का दिया आदेश

कौन हैं रिटायर्ड IAS योगेश्वर राम मिश्रा, जो हो सकते हैं राम मंदिर के CEO?

सभी देखें

नवीनतम

ओबीसी युवाओं को डिजिटल ताकत दे रही योगी सरकार, ओ लेवल-सीसीसी प्रशिक्षण बना सहारा

कासगंज में ट्रेनी विमान क्रैश, 50 फुट की ऊंचाई से गिरा, महिला पायलट घायल, जानिए कैसे हुआ हादसा

सपा की साइकिल चलेगी तो दंगा ही कराएगी, बबुआ तो 12 बजे सोकर उठते हैं, योगी का अखिलेश पर निशाना

Delhi EV Policy : ₹30 लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स-रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ, ई-ऑटो होंगे अनिवार्य, क्या है दिल्ली ईवी पॉलिसी

CBSE की नई भाषा नीति लागू, जानिए किन छात्रों पर नहीं होंगे नए नियम और किसे पढ़नी होगी अतिरिक्त भारतीय भाषा

अगला लेख