Biodata Maker

यूपी में हुआ 'प्रवासी राहत मित्र ऐप' का लोकार्पण...

अवनीश कुमार
शुक्रवार, 8 मई 2020 (12:29 IST)
लखनऊ। उत्तरप्रदेश के लखनऊ में आज शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तरप्रदेश राजस्व विभाग, राहत आयुक्त विभाग द्वारा तैयार कराए गए 'प्रवासी राहत मित्र ऐप' का लोकार्पण किया गया। इसकी जानकारी देते हुए उत्तरप्रदेश राजस्व विभाग राहत आयुक्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस ऐप का उद्देश्य अन्य प्रदेशों से उत्तरप्रदेश में आने वाले प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं विशेषकर उनके कौशल के लायक भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग करने हेतु इन प्रवासी नागरिकों का डेटा कलेक्शन करना है।
ALSO READ: गुल्लक दे बोले मासूम, मोदी और योगी अंकल तक पहुंचा दो प्लीज...
सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा आपस में सूचना का आदान-प्रदान कर इन प्रवासी नागरिकों के रोजगार एवं आजीविका हेतु नियोजन एवं कार्यक्रम बनाने में मदद मिलेगी। इस ऐप के द्वारा आश्रय केंद्र में रुके हुए व्यक्तियों एवं किसी भी कारणवश अन्य प्रदेशों से सीधे अपने घरों को पहुंचने वाले प्रवासी व्यक्तियों का पूरा विवरण लिया जाएगा ताकि उत्तरप्रदेश में आने वाले कोई भी प्रवासी छूट न पाए।
ALSO READ: योगी की यूपी के कामगारों से भावुक अपील- धैर्य रखें, हम सबको वापस लाएंगे
ऐप में व्यक्ति की मूलभूत जानकारी जैसे कि नाम, शैक्षिक योग्यता, अस्थायी और स्थायी पता, बैंक अकाउंट विवरण, COVID 19 संबंधित स्क्रीनिंग की स्थिति, शैक्षिक योग्यता और अनुभव, 65 से भी ज्यादा प्रकार के कौशल का विवरण एकत्र किया जाएगा। अन्य राज्यों से प्रदेश में आ रहे प्रवासी नागरिकों को दी जाने वाली राशन किट के वितरण की स्थिति भी ऐप में दर्ज की जाएगी।
 
इस ऐप में डाटा डुप्लीकेशन न हो, इसके लिए यूनिक मोबाइल नंबर को आधार बनाया जाएगा। इस ऐप की एक अन्य विशेषता यह भी है कि इसमें ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी काम कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रभावी निर्णय लेने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों के डेटा को भी ऐप में अलग-अलग किया जा सकता है।
 
डेटा संग्रह का कार्य शीघ्र संपादित हो इसके लिए विकेंद्रीकृत स्तर पर यथा आश्रय स्थल, ट्रांजिट पॉइंट, व्यक्ति का निवास स्थान पर डेटा संग्रह किया जाएगा। जिलाधिकारी के नेतृत्व में डेटा संग्रह की जिम्मेदारी शहरी क्षेत्र में नगर विकास विभाग/नगर निकाय की तथा ग्रामीण क्षेत्र में सीडीओ/ पंचायती राज विभाग की होगी। ऐप के माध्यम से संग्रहीत डेटा को राज्य स्तर पर स्थापित इंटीग्रेटेड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (www.rahatup.in) पर स्टोर किया जाएगा तथा इसका विश्लेषण कर प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं विशेषकर उनके कौशल के लायक भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग किया जाएगा।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

गेम की लत ने किया जिंदगी का गेम ओवर, आखिरी टास्‍क के बाद 3 बहनें 9वीं मंजिल से कूदीं, सुसाइड में लिखी ये बात

संसद की सीढ़ियों पर लड़खड़ाए शशि थरूर, अखिलेश यादव ने तुरंत लपककर संभाला, देखें Viral Video

Lok Sabha में नहीं बोले PM मोदी, राहुल गांधी ने कहा- डरे हुए हैं

अपनी जान देकर 20 मासूमों को 'जीवनदान' दे गई आंगनवाड़ी की 'यशोदा', ममता की मिसाल देखकर निकल आएंगे आपके आंसू

पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की किताब से शुरू हुई बहस अश्लील टिप्पणियों तक पहुंची, जानें क्या है पूरा विवाद

सभी देखें

नवीनतम

फ्लोरिडा गोल्फ कोर्स पर ट्रंप की हत्या की कोशिश करने वाले को उम्रकैद

India-US Trade Deal : डोनाल्ड ट्रंप की ‘दादागिरी’ पर भारी पड़ी अजित डोभाल की रणनीति, सीक्रेट मीटिंग से कैसे ठंडे पड़े थे US के तेवर

कूनो में फिर बढ़ेगा चीतों का कुनबा, बोत्सवाना से आएंगे 8 चीते, डॉ. यादव ने वनमंत्री से की मुलाकात, असम से जंगली भैंसे आएंगे एमपी

shashi tharoor : संसद की सीढ़ियों पर लड़खड़ाए शशि थरूर, अखिलेश यादव ने तुरंत लपककर संभाला, देखें Viral Video

Parliament : Lok Sabha में नहीं बोले PM मोदी, राहुल गांधी ने कहा- डरे हुए हैं

अगला लेख