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लिफाफा प्रेम में फंसे एसडीएम साहब, CCTV में कैद हुई जेब में लिफाफा रखने की तस्वीर

महकमे के कर्मचारियों ने ही खोल दी पोल, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप

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SDM Rakesh Kumar Singh
SDM's envelope love: औरैया (Auraiya) जिले में उस वक्त सियासी और प्रशासनिक भूचाल आ गया, जब सदर तहसील के SDM (उप जिलाधिकारी) राकेश कुमार सिंह का एक लिफाफा प्रेम (envelope love) वीडियो वायरल हो गया। ये कोई आम वीडियो नहीं या किसी की गुप्त रिकॉर्डिंग नहीं है बल्कि उनके ही कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग है जिसे ऑफिस के ही किसी जागरूक कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर लीक कर दिया।
 
घटना का कथानक बिलकुल फिल्मी : लिफाफा प्रेम घटना का कथानक बिलकुल फिल्मी है। वायरल वीडियो क्लिप में मंडी सचिव लिफाफा लेकर कार्यालय पहुंचते हैं। बड़ी विनम्रता से मेज की रैक में लिफाफा रखते हैं और हाथ जोड़कर बाहर चले जाते है। हालांकि इस दृश्य के दौरान एसडीएम साहब मोबाइल में अपने को व्यस्त दिखाते हुए मंडी सचिव को अनदेखा करते हैं। उसके बाद एसडीएम साहब पूरे इत्मीनान से उठते हैं। इधर-उधर देखते हैं और फिर बड़ी नजाकत से लिफाफे को जेब में रख लेते हैं। भले ही एसडीएम अपने को पाकसाफ दिखाने का प्रयास कर रहे हों लेकिन वे तीसरी आंख यानी सीसीटीवी में कैद हो गए जिसके चलते यह मामला और भी गंभीर हो जाता है।
 
वायरल वीडियो के मुताबिक मंडी सचिव एक लिफाफा लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और उसे मेज की रैक में रखकर हाथ जोड़कर बाहर चले गए। सचिव के जाते ही एसडीएम राकेश कुमार सिंह ने लिफाफे को धीरे से उठाकर अपनी जेब में रख लिया। वीडियो में यह पूरा दृश्य स्पष्ट रूप से दिख रहा है जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।
 
प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप : यह वीडियो कुछ दिनों पुराना बताया जा रहा है, लेकिन इसके सोशल मीडिया पर आते ही तरह-तरह की चर्चा होने लगी और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सच्चाई यह है कि वीडियो में पैसे हैं या नहीं, यह तो जांच का विषय है।

एसडीएम राकेश कुमार सिंह इससे पहले भी कई विवादों में घिर चुके हैं। कभी-कभी वे छुट्टी के दिन भी अदालत लगाकर फैसले सुना देते हैं जिससे वे अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पूरा वीडियो वायरल करने वाला भी कोई आम आदमी नहीं, बल्कि कार्यालय का ही कर्मचारी बताया जा रहा है। यानी कि अंदर ही अंदर कुछ तो खदक रहा था, जो अब उबलकर बाहर आ गया।
 
भाजपा सरकार जहां जीरो टॉलरेंस की नीति को बढ़ावा दे रही है, वहीं इस तरह की घटनाएं न सिर्फ प्रशासन की साख को चोट पहुंचाती हैं, बल्कि आमजन में भ्रष्टाचार के प्रति बढ़ते अविश्वास को भी उजागर करती हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमला इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन अब देखना होगा कि इस लिफाफा प्रेम का अंजाम क्या होता है?
 
Edited by: Ravindra Gupta

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