Festival Posters

Vasant Panchami 2021: वसंत पंचमी के दिन किए जाते हैं ये खास 10 कार्य

Webdunia
Vasant Panchami 2021
 

हिन्दू मान्यता के अनुसार वसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन बिना मुहूर्त जाने शुभ और मांगलिक कार्य किए जाते हैं। वसंत पंचमी परंपरागत त्योहार होने के कारण कई प्राचीन मान्यताएं भी समाज में हैं। आइए जानते हैं किन खास दिनों का पर्व हैं वसंत पंचमी- 
 
एक नजर में वसंत पंचमी- 
 
 
* वसंत पंचमी के दिन को मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं। 
 
* यह दिन वसंत ऋतु के आरंभ का दिन होता है।
 
* इस दिन बच्चों को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता है। नव बालक-बालिका इस दिन से विद्या का आरंभ करते हैं। 
 
* पितृ तर्पण किया जाता है। 
 
* कामदेव की पूजा की जाती है।  
 
* संगीतकार अपने वाद्ययंत्रों का पूजन करते हैं।
 
* स्कूलों और गुरुकुलों में सरस्वती और वेद पूजन किया जाता है।
 
* विद्या की देवी सरस्वती और ग्रंथों का पूजन किया जाता है। 
 
* इस दिन पहनावा भी परंपरागत होता है। पुरुष कुर्ता-पाजामा में और स्त्रियां पीले या वासंती रंग की साड़ी पहनती हैं। 
 
* गायन और वादन सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं जो सरस्वती मां को अर्पित किए जाते हैं।
 

ALSO READ: Vasant Panchami 2021 : वसंत पंचमी 16 फरवरी को, जानिए 12 राशियों के सरस्वती मंत्र

ALSO READ: वसंत पंचमी : Vasant Panchami 2021, जानिए मां सरस्वती के पूजन की सरल विधि

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

गुप्त नवरात्रि की खास साधना और पूजा विधि, जानें जरूरी नियम और सावधानियां

मकर राशि में बना बुधादित्य और लक्ष्मी योग, इन 3 राशियों पर बरसेगा अचानक धन

Gupt Navratri: गुप्त नवरात्रि की दस महाविद्याएं और उनका महत्व

Gupt Navratri: गुप्त नवरात्रि में मां कालिका की यह साधना क्यों मानी जाती है खास? जानिए रहस्य

Rath Saptami 2026: रथ सप्तमी का अर्थ, आरती, पूजा विधि, चालीसा और लाभ

सभी देखें

धर्म संसार

23 January Birthday: आपको 23 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 23 जनवरी 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

बसंत पंचमी पर माता सरस्वती की पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

वसंत पंचमी पर मां शारदे की आराधना के दोहे

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

अगला लेख