Hanuman Chalisa

फेंगशुई : घर में रखें क्रिस्टल ट्री, होंगे 10 फायदे

Webdunia
फेंगशुई चीन का वास्तु शास्त्र है। इस में भवन निर्माण और भवन में रखी जाने वाली पवित्र वस्तुओं के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है। फेंग और शुई का शाब्दिक अर्थ है वायु और जल। यह शास्त्र भी पंचतत्वों में पर ही आधारित है। आओ जानते हैं सैंकड़ों वस्तुओं में से फेंगशुई के क्रिस्टल ट्री के बारे में।
 
 
क्रिस्टल ट्री तरह-तरह के रंग बिरंगे रत्नों और स्फटिकों का बना होता है। क्रिस्टल-ट्री की कई वैरायटीज होती हैं। आप अपनी पसंद के खरीदकर ला सकते हो।
 
क्रिस्टल ट्री ( Crystal Tree Benefits ) : 
 
1. फेंगशुई के अनुसार क्रिस्टल ट्री को रखने से घर में सुख-शांति बढ़ती है।
 
2. इसे घर में रखने से धन-समृद्धि भी बढ़ती है।

 
3. इसे घर में रखने से मान-सम्मान बना रहता है और तरक्की होती रहती है।
 
4. इसे घर में रखने से घर में हमेशा घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
 
5. खासकर यह कि इसे घर में रखने से खुशनुमा माहौल बना रहता है।
 
6. यदि घर के उत्तर-पश्चिम अर्थात वायव्य कोण में में रखा जाए तो सौभाग्य में वृद्धि होती है।
 
7. व्यवसायिक स्थल पर रखने से संपदा मिलती है, इसे बैठकरूम में भी रखा जा सकता है।
 
 
8. कहते हैं कि एमेथिस्ट क्रिस्टल ट्री लगाने से दिमाग का संतुलन बना रहता है। 
 
9. बच्चों के कमरे में इसे रखने से अच्छा प्रभाव पड़ता है।
 
10. इसे आप किचन या बेडरूम में भी डेकोरेट कर सकते हो। दोनों ही जगह यह मानसिक शांति प्रदान करेगा

सूचना : फेंगशुई और भारतीय वास्तुशास्त्र में कुछ अंतर है। अत: फेंगशुई के उपाय आजमाने के पहले किसी वास्तुशास्त्री से सलाह जरूर लें अन्यथा इसके नुकसान भी हो सकते हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

सभी देखें

नवीनतम

16 May Birthday: आपको 16 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Guru Pushya Yoga 2026: 21 मई 2026 को बनेगा गुरु-पुष्य योग का शुभ संयोग, जानें क्यों हैं खास

Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें?

Jyeshtha Amavasya Vrat 2026: ज्येष्ठ अमावस्या व्रत और पूजा विधि

अगला लेख